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दिवाली पर घर में सकारात्मकता लाने के वास्तु उपाय

दिवाली का त्योहार पूरे देश में धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस अवसर पर, घर में सकारात्मकता लाने के लिए कुछ सरल वास्तु उपायों का पालन किया जा सकता है। मुख्य द्वार की सफाई से लेकर पूजा स्थल की सजावट तक, जानें कैसे आप अपने घर को सुख और समृद्धि से भर सकते हैं। इस लेख में दिए गए उपायों से नकारात्मकता को दूर कर, मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करें।
 

दिवाली का पर्व और वास्तु उपाय

आज पूरे देश में दिवाली का त्योहार धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस अवसर पर, आप कुछ वास्तु उपायों का उपयोग करके अपने घर की नकारात्मकता को समाप्त कर सकते हैं। इन उपायों को अपनाने से आपके घर में सुख, समृद्धि और मां लक्ष्मी की कृपा का आगमन होगा।


मुख्य द्वार की सफाई

दिवाली की सुबह सबसे पहले अपने घर के मुख्य द्वार को अच्छे से साफ करें। इसके बाद, दहलीज के ठीक बाहर चूने से एक सीधी रेखा खींचें। यह रेखा एक सुरक्षा कवच का काम करती है, जो नकारात्मक ऊर्जा को घर में प्रवेश नहीं करने देती।


मां लक्ष्मी के चरण पादुकाएं

द्वार पर चावल के लेप या आलता से मां लक्ष्मी की चरण पादुकाएं बनाएं।


आध्यात्मिक पवित्रता बनाए रखें

प्रवेश द्वार पर जूते-चप्पल के स्टैंड या कूडेदान को हटा दें और नेमप्लेट को साफ करें। सुनिश्चित करें कि दरवाजा बिना किसी रुकावट के खुलता हो। दरवाजे पर ताजे आम के पत्तों या गेंदे का तोरण लगाएं। नकारात्मकता को दूर करने और सकारात्मक ऊर्जा का स्वागत करने के लिए नेमप्लेट के पास कुमकुम से 'श्री' और 'लाभ' लिखें।


सकारात्मक ऊर्जा के लिए सजावट

पूजा स्थल को घर के उत्तर-पूर्व हिस्से में स्थापित करें। पूजा करते समय पूर्व दिशा की ओर मुख करें। माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमाएं एक साफ कपड़े से ढकी चौकी पर रखें। यदि जगह की कमी है, तो घर के पूर्वी या उत्तरी भाग में पूजा स्थल बनाना बेहतर होगा।


रंगों का महत्व

पूजा स्थल में रंगों का चयन आध्यात्मिक तरंगें फैलाने में मदद करता है। मंदिर की पृष्ठभूमि के लिए क्रीम, आइवरी या हल्के पीले रंग का रेशमी कपड़ा उपयोग करें। चौकी पर लाल या गुलाबी रेशमी वस्त्र बिछाएं।


दीपों का चयन

पारंपरिक रूप से विषम संख्या में दीये जलाना शुभ माना जाता है। पूजा स्थल पर रखे दीये की बाती का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए। घर के हर कोने, खिड़कियों और रसोई में भी दीपक रखें। मुख्य पूजा के दीयों के लिए शुद्ध देसी घी का उपयोग करें।


नवग्रहों के लिए दीपक

आप एक थाली में दीपक जलाकर या नौ अलग-अलग दीपक रखकर उनमें नवग्रहों से जुड़ी चीजें अर्पित कर सकते हैं। जैसे, सूर्य के दीपक में हल्दी, चंद्रमा के लिए साबुत चावल, मंगल के लिए लाल मसूर की दाल आदि। इस उपाय से नवग्रहों की अशुभ स्थिति का प्रभाव कम करने में मदद मिलती है।