धनतेरस 2026: दीप जलाने की परंपरा और शुभ मुहूर्त
धनतेरस का पर्व
नई दिल्ली. आज देशभर में धनतेरस का त्योहार धूमधाम से मनाया जा रहा है, जो पांच दिवसीय दीपोत्सव की शुरुआत का प्रतीक है। इस दिन से घरों में दीप जलाने और दीपदान की परंपरा शुरू होती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, धनतेरस से लेकर भाई दूज तक दीपदान का विशेष महत्व है। कार्तिक महीने में दीप जलाना शुभ माना जाता है।
धनतेरस पर पूजा विधि
धनतेरस के अवसर पर लोग भगवान धन्वंतरि, मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा करते हैं। इसके साथ ही यमराज के नाम से दीपक जलाने की परंपरा भी है। मान्यता है कि इस दिन दीपदान करने से घर में सुख-समृद्धि आती है। इस दिन 13 दीपक जलाना सबसे शुभ माना जाता है।
दीप जलाने का शुभ मुहूर्त
धनतेरस के दिन शाम के समय दीपक जलाना शुभ माना जाता है। इस वर्ष दीप जलाने का शुभ मुहूर्त शाम 6:02 बजे से 7:57 बजे तक रहेगा। इस दौरान विधिपूर्वक पूजा करने के बाद घर के विभिन्न स्थानों पर दीपक जलाना चाहिए।
13 दीपक जलाने की विधि
धनतेरस पर 13 दीपक जलाने की परंपरा है। इन दीपकों को घर के विभिन्न स्थानों पर रखना चाहिए। यहां जानिए किस दीपक को कहां रखना शुभ माना जाता है:
| दीपक | कहां जलाकर रखें |
|---|---|
| पहला दीपक | घर के मंदिर में |
| दूसरा दीपक | घर के बाहर दक्षिण दिशा में यमराज के लिए |
| तीसरा दीपक | घर के मुख्य द्वार पर |
| चौथा दीपक | तुलसी जी के पास |
| पांचवां दीपक | घर की छत पर |
| छठा दीपक | पीपल के पेड़ के नीचे |
| सातवां दीपक | किसी मंदिर में |
| आठवां दीपक | कूड़ेदान या कूड़े के पास |
| नौवां दीपक | वॉशरूम के बाहर |
| दसवां दीपक | घर की खिड़कियों के पास |
| ग्यारहवां दीपक | रसोई घर में |
| बारहवां दीपक | बेल वृक्ष के नीचे |
| तेरहवां दीपक | घर के बीचोंबीच |
दीप जलाते समय मंत्र
धनतेरस पर दीप जलाते समय भगवान कुबेर का मंत्र बोलना शुभ माना जाता है। इस मंत्र के जाप से घर में धन-धान्य और सुख-समृद्धि बनी रहती है।
मंत्र: ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा॥
यमराज का दीपक जलाने की विधि
धनतेरस के दिन यमराज के नाम से दीप जलाने की परंपरा है, जिसे यम दीपक कहा जाता है। दक्षिण दिशा में दीपक जलाने से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है। यम दीपक जलाने के लिए आटे या मिट्टी का चौमुखा दीपक लें और इसमें सरसों या तिल का तेल भरकर चार बातियां लगाएं। शाम की पूजा के बाद इस दीपक को घर के बाहर दक्षिण दिशा की ओर जलाकर रखें।
दीपक जलाते समय मंत्र: मृत्युना पाशदण्डाभ्यां कालेन श्यामया सह। त्रयोदश्यां दीपदानात् सूर्यजः प्रीयतां मम॥
निष्कर्ष
इस प्रकार, धनतेरस पर 13 दीपक जलाने और यम दीपदान करने की परंपरा निभाई जाती है। अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार दीपदान करें और दीपक रखते समय आग से सुरक्षा का ध्यान रखें।