नवरात्रि 2026: मां भगवती का आगमन हाथी पर, जानें शुभ मुहूर्त और तिथियां
नवरात्रि का उत्साह
नई दिल्ली. नवरात्रि के लिए भक्तों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। इस पर्व के शुरू होने में कुछ ही दिन बचे हैं। लोग नवरात्रि से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने के लिए उत्सुक हैं। इस वर्ष नवरात्रि 11 अक्टूबर, रविवार से प्रारंभ होगी। देश के विभिन्न हिस्सों में इसकी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। बड़े-बड़े पंडाल सजाए जा चुके हैं और मंदिरों तथा घरों में भी तैयारियां जोरों पर हैं। इस बार मां भगवती हाथी पर सवार होकर आएंगी।
नवरात्रि का आरंभ
जानकारी के अनुसार, 10 अक्टूबर, शनिवार की रात 9:15 बजे अमावस्या समाप्त होगी। इसके बाद रात 9:16 बजे से आश्विन शुक्ल प्रतिपदा का आरंभ होगा, जो 11 अक्टूबर की रात 9:28 बजे तक चलेगा। इसी कारण नवरात्रि का आरंभ 11 अक्टूबर को होगा।
कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
इस नवरात्रि में कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त जानने के लिए हम आपको जानकारी दे रहे हैं। चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग के उत्तरार्ध में कलश स्थापना करना शुभ माना जाएगा। 11 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:05 बजे से 12:53 बजे तक रहेगा। इस अवधि में कलश स्थापना की जा सकती है। चित्रा नक्षत्र 10 अक्टूबर की रात 9:38 बजे से शुरू होकर 11 अक्टूबर की रात 10:28 बजे तक रहेगा। वहीं, वैधृति योग 10 अक्टूबर की रात 10 बजे से 11 अक्टूबर की रात 9 बजे तक रहेगा।
कन्या पूजन का महत्व
नवरात्रि में माता दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। देवी व्रत में कुमारी पूजन का विशेष महत्व है। भक्त अपनी सामर्थ्य के अनुसार नवरात्रि में प्रतिदिन नौ कुमारियों के चरण धोकर उन्हें देवी स्वरूप मानकर पूजा करते हैं। मान्यता है कि एक कन्या के पूजन से ऐश्वर्य, दो कन्याओं से भोग और मोक्ष, तीन से धर्म-अर्थ-काम, चार से राज पक्ष से सम्मान और पांच कन्याओं के पूजन से विद्या की प्राप्ति होती है।
नवरात्रि की प्रमुख तिथियां
11 अक्टूबर: पहला नवरात्र
12 अक्टूबर: दूसरा नवरात्र
13 अक्टूबर: तीसरा नवरात्र
14 अक्टूबर: चौथा नवरात्र
15 अक्टूबर: पांचवां नवरात्र
16 अक्टूबर: छठा नवरात्र
17 अक्टूबर: सातवां नवरात्र
18 अक्टूबर: आठवां नवरात्र
19 अक्टूबर: अष्टमी और नवमी
20 अक्टूबर: नवमी और दशमी