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रक्षाबंधन पर भगवान को राखी बांधने की परंपरा

रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के रिश्ते का प्रतीक है, जिसमें बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं। इस दिन देवी-देवताओं को राखी बांधने की परंपरा भी महत्वपूर्ण है। जानें किस भगवान को पहले राखी बांधनी चाहिए और इससे भाई-बहन के रिश्ते में कैसे मजबूती आती है। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि गणपति, शिव, हनुमान और लड्डू गोपाल को राखी बांधने का क्या महत्व है।
 

रक्षाबंधन का महत्व

रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के रिश्ते का प्रतीक है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं, और भाई हमेशा उनकी रक्षा करने का वचन देते हैं। यह बंधन स्वाभाविक रूप से मजबूत होता है, लेकिन राखी इसे और भी गहरा बनाती है।


भगवान का आशीर्वाद

रक्षाबंधन पर राखी बांधने की परंपरा में सबसे पहले देवी-देवताओं को राखी बांधने की प्रथा है। ज्योतिष के अनुसार, यदि राखी पहले भगवान को बांधी जाती है, तो उनका आशीर्वाद भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत बनाता है। आइए जानते हैं कि सबसे पहले किस भगवान को राखी बांधनी चाहिए।


गणपति को राखी बांधें

रक्षाबंधन पर सबसे पहले भगवान गणेश को राखी बांधें। यदि आप गणेश जी की मूर्ति पर राखी बांधते हैं, तो आपके और आपके भाई के जीवन में आने वाली सभी बाधाएं दूर हो जाती हैं। यदि आपका भाई दूर है, तो आप गणपति जी को उनके स्थान पर राखी बांध सकते हैं।


भगवान शिव को राखी

इसके बाद, भगवान शिव की मूर्ति या शिवलिंग पर राखी बांधना चाहिए। यह पर्व सावन की पूर्णिमा को आता है, और भगवान शिव को राखी बांधने से भाई-बहन के रिश्ते में प्रेम बढ़ता है और समस्याएं हल होती हैं।


हनुमान जी को राखी

सनातन धर्म में हनुमान जी को संकटमोचन माना जाता है। इसलिए, आप शिवजी के बाद हनुमान जी की मूर्ति या तस्वीर पर राखी बांध सकते हैं। इससे जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और आपके भाई पर बजरंगबली की कृपा बनी रहती है।


लड्डू गोपाल को राखी

यदि आपके घर में लड्डू गोपाल हैं, तो उन्हें भी राखी बांधें। इससे भाई-बहन दोनों के जीवन में भाग्य में वृद्धि होती है और सुख-समृद्धि बनी रहती है। यदि लड्डू गोपाल नहीं हैं, तो आप कन्हा की मूर्ति को राखी बांध सकते हैं।


मंदिर में सभी देवताओं को राखी

आपके मंदिर में जितने देवी-देवता हैं, उन सभी को राखी बांधना चाहिए। इसके साथ ही, धार्मिक ग्रंथों में भी राखी की डोर रख सकते हैं। रक्षाबंधन के दिन सभी देवी-देवताओं को राखी बांधने के बाद अपने भाई की कलाई में राखी बांधें। इससे सभी देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होगा।