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राजकीय बहुतकनीकी लिसाना ने हरियाणा में दूसरा स्थान प्राप्त किया

राजकीय बहुतकनीकी लिसाना (रेवाड़ी) ने हरियाणा में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि के लिए उन्हें 25 लाख रुपये का पुरस्कार मिला। समारोह में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा और खेल युवा मंत्री गौरव गौतम ने पुरस्कार प्रदान किया। प्रधानाचार्य प्रवीण कुमार ने इस सफलता का श्रेय सभी शिक्षकों और छात्रों के प्रयासों को दिया। उन्होंने तकनीकी शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए अभिभावकों और छात्रों से अपील की कि वे इस दिशा में आगे बढ़ें। यह उपलब्धि रेवाड़ी जिले के लिए गर्व का विषय है।
 

राजकीय बहुतकनीकी लिसाना की उपलब्धि

रेवाड़ी समाचार: तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के तहत, राजकीय बहुतकनीकी लिसाना (रेवाड़ी) ने हरियाणा राज्य के सर्वश्रेष्ठ तकनीकी संस्थानों में द्वितीय स्थान हासिल किया है। यह सम्मान 2 मार्च को चंडीगढ़ में आयोजित एक भव्य पुरस्कार समारोह में प्रदान किया गया। इस सफलता ने न केवल संस्थान का, बल्कि रेवाड़ी जिले का नाम भी गर्व से ऊंचा किया है।


इस समारोह में हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा और खेल युवा मंत्री गौरव गौतम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने संस्थान को पुरस्कार प्रमाण-पत्र और 25 लाख रुपये का चेक प्रदान किया। सभी अतिथियों ने तकनीकी शिक्षा में संस्थान के उत्कृष्ट कार्यों, शैक्षणिक गुणवत्ता, प्रशासनिक दक्षता और नवाचारों की सराहना की। यह पुरस्कार राजकीय बहुतकनीकी लिसाना के प्रधानाचार्य प्रवीण कुमार और पूर्व प्रधानाचार्य सुखवीर यादव ने ग्रहण किया।


प्रधानाचार्य प्रवीण कुमार ने इस सफलता का श्रेय पूर्व प्रधानाचार्य सुखवीर यादव के नेतृत्व में सभी शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों और छात्रों के निरंतर प्रयासों को दिया। उन्होंने बताया कि संस्थान तकनीकी शिक्षा को रोजगारोन्मुखी और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।


उन्होंने अभिभावकों और छात्रों से अपील की कि वे तकनीकी शिक्षा के महत्व को समझें और आधुनिक तकनीकी ज्ञान प्राप्त कर प्रदेश और राष्ट्र के विकास में योगदान दें। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी तकनीकी युग है, इसलिए कुशल तकनीकी मानव संसाधनों का निर्माण आवश्यक है। यह उपलब्धि न केवल राजकीय बहुतकनीकी लिसाना के लिए, बल्कि पूरे रेवाड़ी जिले के लिए गर्व का विषय है और यह संस्थान की पहचान और तकनीकी शिक्षा में उसके बढ़ते मानकों को दर्शाती है।