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वट पूर्णिमा 2026: दुर्लभ स्ट्रॉबेरी मून का अद्भुत नजारा

वट पूर्णिमा 2026 पर एक अद्वितीय खगोलीय घटना देखने को मिलेगी, जिसमें स्ट्रॉबेरी मून का नजारा शामिल है। इस दिन विवाहित महिलाएं वट वृक्ष की पूजा करती हैं, जिससे उनके पतियों की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना की जाती है। जानें इस दिन का महत्व और इसके पीछे की पौराणिक कथा।
 

वट पूर्णिमा का महत्व और खगोलीय घटना


वट पूर्णिमा 2026: इस दिन आसमान में एक अद्वितीय दृश्य देखने को मिलेगा। धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण इस दिन खगोल विज्ञान के नजरिए से भी एक विशेष घटना घटित होगी। वट पूर्णिमा का व्रत सनातन धर्म में अत्यधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन विवाहित महिलाएं वट वृक्ष की पूजा करती हैं, ताकि उनके पतियों की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और खुशहाल जीवन की कामना की जा सके। महिलाएं वट वृक्ष की परिक्रमा करती हैं और उसे रक्षा सूत्र बांधती हैं। इसके साथ ही, इस दिन का विशेष आकर्षण स्ट्रॉबेरी मून भी होगा, जो इसे और भी खास बना देगा।


ज्येष्ठ पूर्णिमा की रात को आसमान में ‘स्ट्रॉबेरी मून’ का अद्भुत नजारा देखने को मिलेगा।


द्रिक पंचांग के अनुसार, 29 जून 2026 को ज्येष्ठ पूर्णिमा का व्रत मनाया जाएगा।


व्रत का महत्व
यह व्रत पौराणिक कथा सावित्री और सत्यवान की अटूट निष्ठा से जुड़ा हुआ है। मान्यता है कि इसी दिन सावित्री ने अपने दृढ़ संकल्प और बुद्धिमत्ता से यमराज को पराजित कर अपने पति सत्यवान के प्राण वापस प्राप्त किए थे।


स्ट्रॉबेरी मून का नाम जून महीने में पड़ने वाली पूर्णिमा के लिए पारंपरिक रूप से रखा गया है। यह नाम उत्तरी अमेरिका की प्राचीन जनजातियों की परंपरा से जुड़ा हुआ है, जहां जून में जंगली स्ट्रॉबेरी पकने लगती थी। इसी कारण इस पूर्णिमा को स्ट्रॉबेरी मून कहा जाता है।