विश्वकर्मा पूजा 2023: सही तारीख और शुभ मुहूर्त जानें
विश्वकर्मा पूजा की तारीख पर भ्रम
नई दिल्ली: इस वर्ष विश्वकर्मा पूजा की सही तारीख को लेकर कई लोगों में संदेह है कि यह 17 सितंबर को होगी या 18 सितंबर को। सही जानकारी के लिए कन्या संक्रांति के समय को समझना आवश्यक है। जब सूर्य देव कन्या राशि में प्रवेश करते हैं, उसी दिन विश्वकर्मा पूजा का आयोजन होता है। इस दिन भगवान विश्वकर्मा की विधिपूर्वक पूजा की जाती है, साथ ही दुकानों, मशीनों, औजारों और वाहनों की भी पूजा की जाती है। इस बार पूजा के लिए दो शुभ योग भी बन रहे हैं, जो इसे और अधिक फलदायी बनाते हैं।
सही तारीख और शुभ मुहूर्त
वैदिक पंचांग के अनुसार, सूर्य देव 17 सितंबर को सुबह 7:58 बजे कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। इसलिए कन्या संक्रांति 17 सितंबर को ही होगी और विश्वकर्मा पूजा भी इसी दिन, गुरुवार को मनाई जाएगी। 18 सितंबर की कोई आवश्यकता नहीं है। यह पर्व भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि पर आता है। पूजा का मुख्य शुभ समय सुबह 7:58 बजे से प्रारंभ होता है, क्योंकि यही कन्या संक्रांति का क्षण है।
सुबह 10:43 से दोपहर 1:48 के बीच भी पूजा की जा सकती है। इसमें चर-सामान्य मुहूर्त 10:43 से 12:15 और लाभ-उन्नति मुहूर्त 12:15 से 1:48 तक रहेगा। शाम को 4:52 से 6:24 तक शुभ-उत्तम मुहूर्त है। कन्या संक्रांति का पुण्यकाल सुबह 7:58 से दोपहर 2:31 तक रहेगा। ब्रह्म मुहूर्त 4:33 से 5:20 और अभिजीत मुहूर्त 11:51 से 12:40 तक है। राहुकाल दोपहर 1:48 से 3:20 तक रहेगा, इसलिए इस समय कोई शुभ कार्य न करें।
विश्वकर्मा पूजा का महत्व
इस वर्ष सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 6:07 से शाम 7:53 तक और रवि योग भी एक साथ बन रहा है। ये दोनों योग अत्यंत फलदायी माने जाते हैं। सुबह विष्कम्भ योग रहेगा, जो दोपहर 12:50 तक चलेगा, उसके बाद प्रीति योग रात तक रहेगा। अनुराधा नक्षत्र शाम 7:53 तक और फिर ज्येष्ठा नक्षत्र होगा। भगवान विश्वकर्मा देवताओं के शिल्पी और ब्रह्मा जी के मानस पुत्र माने जाते हैं। उन्होंने सोने की लंका, द्वारका, इंद्रप्रस्थ जैसी नगरी और पुष्पक विमान का निर्माण किया था। उनकी पूजा से व्यापार, सुख, समृद्धि और शांति में वृद्धि होती है।