शरद पूर्णिमा पर बनाएं रबड़ी जैसी खीर: एक सरल विधि
शरद पूर्णिमा का त्योहार भारत में विशेष महत्व रखता है, जहां खीर बनाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। इस लेख में, हम आपको रबड़ी जैसी गाढ़ी खीर बनाने की सरल विधि बताएंगे, जिसमें फुल क्रीम दूध, चावल, और मेवे शामिल हैं। जानें कैसे इस खास दिन पर खीर को चंद्रमा की रोशनी में रखा जाता है और इसे सुरक्षित रखने के उपाय। इस त्योहार पर घर पर बनी खीर से अपने परिवार के साथ आनंद लें।
Oct 25, 2026, 16:10 IST
शरद पूर्णिमा का त्योहार
नई दिल्ली में, 25 अक्टूबर, रविवार को शरद पूर्णिमा का पर्व मनाया जा रहा है। इस दिन खीर बनाने और उसे रात में खुले आसमान के नीचे रखने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस रात चंद्रमा की रोशनी में रखी खीर को विशेष महत्व दिया जाता है। इसलिए, इस दिन कई परिवारों में खीर बनाकर भगवान को भोग अर्पित किया जाता है, जिसे अगले दिन प्रसाद के रूप में साझा किया जाता है.
खीर बनाने की सामग्री
खीर बनाने की सामग्री
| सामग्री | मात्रा |
|---|---|
| फुल क्रीम दूध | 1 लीटर |
| छोटे दाने वाले चावल | ¼ कप |
| चीनी | ½ कप या स्वादानुसार |
| केसर | कुछ धागे |
| गर्म दूध | 2–3 चम्मच |
| इलायची पाउडर | ½ चम्मच |
| काजू, बादाम और पिस्ता | बारीक कटे हुए, आवश्यकतानुसार |
| किशमिश | वैकल्पिक |
गाढ़ी खीर बनाने की विधि
इस तरह बनाएं रबड़ी जैसी गाढ़ी खीर
| स्टेप | बनाने की विधि |
|---|---|
| 1. चावल भिगोएं | चावल को अच्छी तरह धोकर 20–30 मिनट तक पानी में भिगो दें। |
| 2. दूध उबालें | भारी तले वाले बर्तन में दूध उबालें। पहला उबाल आने पर आंच धीमी कर दें। |
| 3. चावल पकाएं | भीगे चावल दूध में डालकर धीमी आंच पर पकाएं। बीच-बीच में चलाते रहें, ताकि दूध तले में न लगे। |
| 4. मलाई मिलाएं | बर्तन के किनारों पर जमने वाली मलाई को खुरचकर दूध में मिलाते रहें। इससे खीर गाढ़ी और मलाईदार बनेगी। |
| 5. मेवे और केसर डालें | चावल गलने पर केसर वाला दूध और कटे हुए सूखे मेवे डालें। लगभग 5 मिनट तक पकाएं। |
| 6. चीनी और इलायची मिलाएं | अब चीनी और इलायची पाउडर डालकर 2–3 मिनट और पकाएं। फिर गैस बंद कर दें। |
| 7. ठंडा करके परोसें | खीर को थोड़ा ठंडा होने दें। ठंडा होने पर यह और गाढ़ी हो जाएगी। |
खीर रखने का तरीका
चांदनी रात में खीर रखने का क्या है तरीका?
खीर तैयार होने के बाद इसे साफ बर्तन में निकाल लें। पारंपरिक मान्यता के अनुसार, शरद पूर्णिमा की रात खीर को चंद्रमा की रोशनी में रखा जाता है। इसे साफ जालीदार ढक्कन से ढकें, ताकि धूल और कीड़े-मकोड़े इसमें न गिरें। खीर को पूरी रात कमरे के तापमान पर छोड़ना खाद्य सुरक्षा के लिहाज से उचित नहीं है। दूध से बनी खीर जल्दी खराब हो सकती है, इसलिए इसे लंबे समय तक बाहर रखने के बजाय फ्रिज में सुरक्षित रखना बेहतर है।
पूजा के लिए थोड़ी मात्रा अलग रख सकते हैं और बाकी खीर को समय पर ठंडा करके फ्रिज में रखें। इस शरद पूर्णिमा पर घर पर बनी केसर, मेवे और इलायची की खुशबू वाली मलाईदार खीर से त्योहार का आनंद बढ़ाएं। थोड़े धैर्य और सही तरीके से पकाने पर साधारण सामग्री से भी बेहतरीन स्वाद वाली खीर तैयार की जा सकती है।