शारदीय नवरात्रि 2026: मां दुर्गा का आगमन हाथी पर, जानें कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
शारदीय नवरात्रि 2026 का महत्व
शारदीय नवरात्रि 2026: हिंदू धर्म में मां दुर्गा को आद्यशक्ति और जगज्जननी के रूप में पूजा जाता है। वे शक्ति, साहस, भक्ति और संरक्षण का प्रतीक हैं, जो धर्म की रक्षा और अधर्म का नाश करती हैं। शाक्त सम्प्रदाय में उन्हें सर्वोच्च देवी माना जाता है, जो अपने भक्तों को अंधकार और अज्ञानता से बचाती हैं।
नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा की पूजा नौ दिनों तक कलश स्थापना के साथ की जाती है।
शारदीय नवरात्रि 2026 का आरंभ 11 अक्टूबर, रविवार से होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब नवरात्रि रविवार या सोमवार से शुरू होती है, तो मां दुर्गा का आगमन हाथी पर होता है। हाथी पर सवार होकर आना एक शुभ संकेत माना जाता है, जो देश में सुख, समृद्धि और अच्छी वर्षा का प्रतीक है।
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, जब महिषासुर नामक राक्षस के अत्याचारों से त्रिलोक कांप उठे थे, तब ब्रह्मा, विष्णु और शिव की सामूहिक शक्तियों से मां दुर्गा प्रकट हुईं। उन्होंने महिषासुर का वध कर देवताओं और मनुष्यों को उसके आतंक से मुक्ति दिलाई, जिसके कारण उन्हें महिषासुरमर्दिनी कहा गया।
कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त 2026
11 अक्टूबर को घटस्थापना और कलश पूजन का शुभ मुहूर्त सुबह 6:19 से 10:12 तक है। विभिन्न स्थानों पर सूर्योदय के समय में भिन्नता के कारण इस मुहूर्त का समय आगे या पीछे हो सकता है।