AI की दुनिया में एंथ्रोपिक का नया कदम: बायोलॉजी लैब की स्थापना
नई दिल्ली में एंथ्रोपिक की बायोलॉजी लैब
नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में अपनी उन्नत मॉडल क्लाउड के लिए जानी जाने वाली कंपनी एंथ्रोपिक अब केवल सॉफ्टवेयर तक सीमित नहीं रहना चाहती। हाल ही में, कंपनी ने सैन फ्रांसिस्को बे एरिया में एक बायोलॉजी लैब की स्थापना की है। इस कदम के माध्यम से, एंथ्रोपिक दवा और जीव विज्ञान से संबंधित अनुसंधान में अपने AI मॉडल का उपयोग बढ़ाने की योजना बना रही है। आइए जानते हैं कि इस लैब का उद्देश्य क्या है।
वेट लैब की विशेषताएँ
इस लैब को 'वेट लैब' नाम दिया गया है, जहां वैज्ञानिक सीधे केमिकल, दवाओं और जैविक नमूनों पर प्रयोग करेंगे। एंथ्रोपिक की योजना है कि उसका AI मॉडल, क्लाउड, इन प्रयोगों की योजना बनाएगा और समझेगा, जबकि रोबोटिक सिस्टम उन्हें कार्यान्वित करेगा। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि हर प्रयोग पर मानव पर्यवेक्षण रहेगा, और AI को अकेले निर्णय लेने की अनुमति नहीं होगी।
दुर्लभ बीमारियों पर ध्यान केंद्रित
एंथ्रोपिक का ध्यान उन दुर्लभ बीमारियों पर है जिन पर बड़ी फार्मा कंपनियों का ध्यान कम होता है। कंपनी का मानना है कि AI की सहायता से इन बीमारियों के लिए दवा खोजने की प्रक्रिया को तेज किया जा सकता है। वर्तमान में, कंपनी केवल प्री-क्लिनिकल रिसर्च पर ध्यान केंद्रित करेगी और क्लिनिकल ट्रायल में जाने की कोई योजना नहीं है।
लैब की पुष्टि और व्यक्तिगत प्रेरणा
एंथ्रोपिक के लाइफ साइंसेज प्रमुख एरिक कौडेरर-अब्राम्स ने इस लैब की स्थापना की पुष्टि की है। उनका कहना है कि बायोलॉजी में महत्वपूर्ण सफलता आज भी वास्तविक लैब परीक्षण के बिना संभव नहीं है, और यही कारण है कि कंपनी ने यह कदम उठाया है। कंपनी अपनी सुविधाओं में कुछ कार्य स्वयं कर रही है और कुछ बाहरी भागीदारों के सहयोग से। प्रवक्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि लैब का उद्देश्य केवल दवा खोजने तक सीमित नहीं है।
इस प्रयास में सीईओ डारियो अमोदेई की व्यक्तिगत भावना भी शामिल है। उन्होंने बताया कि एक बीमारी ने उनके पिता की जान ले ली थी, जिसका इलाज कुछ वर्षों बाद संभव हो सका।