AI के जरिए संगीत धोखाधड़ी: कैसे एक व्यक्ति ने अरबों स्ट्रीम से कमाए करोड़ों
नई दिल्ली में AI से जुड़ी धोखाधड़ी का मामला
नई दिल्ली: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के बढ़ते उपयोग के साथ, अब इससे जुड़े अपराध भी सामने आ रहे हैं। अमेरिका में एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने AI की सहायता से नकली संगीत तैयार कर अरबों स्ट्रीमिंग प्राप्त की और करोड़ों रुपये की अवैध कमाई की।
यह मामला अपने आप में अनोखा है, जिसने म्यूजिक इंडस्ट्री में AI के दुरुपयोग पर गंभीर सवाल उठाए हैं। यह घटना यह दर्शाती है कि कैसे तकनीक का गलत इस्तेमाल कर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी की जा सकती है।
AI से बनाए गए हजारों नकली गाने
उत्तरी कैरोलिना के निवासी माइकल स्मिथ ने AI तकनीक का उपयोग करके हजारों संगीत ट्रैक बनाए। इसके बाद, उसने ऑटोमेटेड बॉट्स की मदद से इन गानों को अरबों बार स्ट्रीम किया।
इस फर्जी स्ट्रीमिंग के माध्यम से उसने 8 मिलियन डॉलर से अधिक की रॉयल्टी कमाई। यह पूरा नेटवर्क लंबे समय तक बिना पकड़े चलता रहा।
रोजाना लाखों नकली स्ट्रीमिंग
जांच में पता चला कि स्मिथ ने 2017 से 2024 के बीच प्रतिदिन लगभग 661,440 नकली स्ट्रीम उत्पन्न कीं। इस प्रकार, उसने सालाना लगभग 1.03 मिलियन डॉलर की कमाई की।
सितंबर 2024 में उसकी गिरफ्तारी हुई और उस पर स्ट्रीमिंग धोखाधड़ी से संबंधित कई आरोप लगाए गए।
अदालत में जुर्म कबूल
52 वर्षीय माइकल स्मिथ ने 20 मार्च को अमेरिकी जिला न्यायाधीश जॉन जी. कोएल्टल के सामने वायर फ्रॉड की साजिश के आरोप में खुद को दोषी माना।
अमेरिकी अटॉर्नी जे क्लेटन ने कहा, "माइकल स्मिथ ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग करके हजारों नकली गाने बनाए और फिर उन गानों को अरबों बार स्ट्रीम किया।"
उन्होंने आगे कहा, "हालांकि गाने और श्रोता नकली थे, लेकिन स्मिथ द्वारा चुराए गए लाखों डॉलर असली थे। स्मिथ ने असली कलाकारों और अधिकार धारकों से रॉयल्टी के रूप में लाखों डॉलर हड़प लिए।"
सजा और जुर्माने का खतरा
प्ली एग्रीमेंट के तहत, स्मिथ को 29 जुलाई को सजा सुनाई जाएगी। उसे पांच साल तक की जेल और 8,091,843.64 डॉलर की जब्ती का सामना करना पड़ सकता है।
AI म्यूजिक: इंडस्ट्री के लिए नई चुनौती
AI-जनित संगीत का बढ़ता चलन म्यूजिक इंडस्ट्री के लिए नई चुनौतियाँ पेश कर रहा है। फर्जी गानों और डीपफेक तकनीक के माध्यम से कलाकारों की पहचान का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है।
हाल ही में, सोनी म्यूजिक ने स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स से 135,000 से अधिक फर्जी गानों को हटाने की मांग की थी, जो उसके कलाकारों का रूप धारण कर प्रसारित किए जा रहे थे।
बड़े कलाकार भी बने निशाना
जनरेटिव AI के जरिए बनाए गए डीपफेक कंटेंट में बियॉन्से, क्वीन और हैरी स्टाइल्स जैसे बड़े कलाकारों को भी निशाना बनाया गया। यह दर्शाता है कि AI का गलत इस्तेमाल अब बड़े पैमाने पर हो रहा है।