Oracle में कर्मचारियों की नई छंटनी, AI और क्लाउड में बढ़ती मांग के बावजूद
Oracle में कर्मचारियों की छंटनी
नई दिल्ली: टेक्नोलॉजी कंपनी Oracle ने एक बार फिर अपने कर्मचारियों की छंटनी की है। एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रभावित कर्मचारियों को सोमवार सुबह ईमेल के माध्यम से सूचित किया गया कि उन्हें बड़े बदलावों के तहत निकाला गया है। कुछ कर्मचारियों ने LinkedIn, Reddit और Blind पर अपनी नौकरी जाने की जानकारी साझा की है। हालांकि, Oracle ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि इस छंटनी से कितने कर्मचारी प्रभावित हुए हैं।
छंटनी का कारण
लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर यह छंटनी क्यों की गई। Oracle में यह छंटनी उस समय हो रही है जब कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश कर रही है। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में Oracle ने लगभग 28.5 अरब डॉलर का कैपिटल एक्सपेंडिचर किया, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में किए गए 8.5 अरब डॉलर के खर्च से तीन गुना अधिक है। कंपनी ने पूरे वित्त वर्ष के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर का अनुमान 90 से 95 अरब डॉलर रखा है।
AI क्लाउड से बढ़ती आय
AI क्लाउड से बढ़ रही कमाई:
Oracle के AI क्षेत्र में भी मांग में वृद्धि देखी जा रही है। कंपनी के अनुसार, तिमाही के दौरान उसे 30 अरब डॉलर से अधिक के नए AI क्लाउड कॉन्ट्रैक्ट्स प्राप्त हुए। कंपनी का भविष्य में संभावित आय का बैकलॉग बढ़कर 664 अरब डॉलर हो गया है। हालांकि, AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ते खर्च का असर कंपनी के कैश फ्लो पर भी पड़ा है, जिससे तिमाही में Oracle का फ्री कैश फ्लो 5.4 अरब डॉलर नकारात्मक रहा।
पहले ही 21 हजार कर्मचारियों की गई नौकरी
पहले ही 21 हजार कर्मचारियों की गई नौकरी:
यह Oracle की इस वर्ष की पहली बड़ी छंटनी नहीं है। कंपनी के वित्त वर्ष 2026 में उसका वैश्विक कार्यबल लगभग 21,000 कर्मचारियों, यानी लगभग 13 प्रतिशत कम हुआ। 31 मई को वित्त वर्ष समाप्त होने पर Oracle में लगभग 1.41 लाख कर्मचारी थे, जबकि एक वर्ष पहले यह संख्या लगभग 1.62 लाख थी।
Oracle की रणनीति पर उठे सवाल
Oracle की रणनीति पर उठे सवाल:
Oracle की वर्तमान स्थिति में एक ओर AI और क्लाउड बिजनेस तेजी से बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर कंपनी लागत कम करने के लिए कर्मचारियों की संख्या घटा रही है। पहली तिमाही में Oracle का राजस्व सालाना आधार पर 30% बढ़कर 19.3 अरब डॉलर हो गया। क्लाउड इंफ्रास्टक्चर राजस्व में भी 121% की वृद्धि हुई और यह 7.4 अरब डॉलर तक पहुंच गया।