AI के खतरों पर Google DeepMind के रिसर्चर का इस्तीफा: क्या मानवता को है खतरा?
AI की बढ़ती क्षमता पर चिंता
नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की तेजी से बढ़ती क्षमताओं के बीच इसके संभावित खतरों पर चर्चा तेज हो गई है। Google DeepMind के AI सुरक्षा शोधकर्ता बिलाल चुगताई ने हाल ही में इस्तीफा देकर अपनी चिंताओं को साझा किया है। उनका कहना है कि AI में मानवता को समाप्त करने की क्षमता हो सकती है और इससे बचने का समय तेजी से कम हो रहा है।
AI की दिशा पर उठाए सवाल
चुगताई ने अपने इस्तीफे के पीछे की वजह सोशल मीडिया पर स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि Google में काम करते हुए उन्होंने AI के विकास को नजदीक से देखा है और वर्तमान दिशा को लेकर वह बेहद चिंतित हैं।
उन्होंने कहा कि जब उन्होंने 2022 की शुरुआत में AI पर काम करना शुरू किया था, तब ये सिस्टम काफी सीमित थे। लेकिन अब कुछ वर्षों में AI की क्षमताएं तेजी से बढ़ी हैं, जिससे ये जटिल समस्याओं को हल करने और कई मामलों में स्वायत्त निर्णय लेने में सक्षम हो गए हैं।
भविष्य में AI का खतरा
चुगताई का मानना है कि भविष्य में ऐसे सुपरइंटेलिजेंट AI सिस्टम विकसित हो सकते हैं, जो इंसानों से कहीं अधिक सक्षम होंगे। सबसे बड़ा खतरा तब उत्पन्न हो सकता है जब ये सिस्टम मानव नियंत्रण से बाहर जाकर खतरनाक निर्णय लेने लगें।
उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी स्थिति मानवता के अस्तित्व के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है।
DeepMind में और इस्तीफे
Google DeepMind की AGI सुरक्षा टीम से जुड़े जोश एंगेल्स ने भी इस्तीफा दिया है। उन्होंने उन्नत AI से अगले कुछ वर्षों में संभावित बड़े नुकसान की आशंका जताई है। एंगेल्स अब METR नामक एक गैर-लाभकारी संस्था से जुड़े हैं, जो AI मॉडल की क्षमताओं और जोखिमों का आकलन करती है।
AI कंपनियों से सहयोग की अपील
चुगताई ने AI कंपनियों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कंपनियों को मिलकर विकास की गति को ऐसा बनाए रखना चाहिए, जिसे समाज संभाल सके। इसके साथ ही AI alignment पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है, ताकि AI सिस्टम मानव हितों के अनुरूप कार्य कर सकें। उनके अनुसार, वर्तमान में AI की क्षमताएं जिस तेजी से बढ़ रही हैं, उस गति से सुरक्षा को समझना और नियंत्रित करना संभव नहीं हो पा रहा है।