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अधिकमास में न करें ये 5 काम, वरना बढ़ सकता है दुर्भाग्य

अधिकमास, जिसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है, भगवान विष्णु को समर्पित है। इस माह में कुछ कार्यों से बचना आवश्यक है, जैसे शराब और मांसाहारी भोजन से दूर रहना, क्रोध न करना, और शुभ कार्य न करना। जानें इस पवित्र माह में कौन से 5 काम नहीं करने चाहिए और कौन से कार्य पुण्य लाते हैं।
 

अधिकमास का महत्व


भगवान विष्णु को समर्पित है अधिकमास
अधिकमास, जिसे पुरुषोत्तम मास और मलमास भी कहा जाता है, सनातन धर्म में एक महत्वपूर्ण और पवित्र माह है। यह माह भगवान विष्णु को समर्पित है और इस दौरान उनकी पूजा और व्रत का विशेष महत्व है। इस वर्ष, अधिकमास 17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक रहेगा।


अधिकमास में वर्जित कार्य

इन कार्यों से बचें



  • इस माह में शराब और मांसाहारी भोजन से दूर रहें। केवल सात्विक आहार का सेवन करें, अन्यथा जीवन में नकारात्मकता बढ़ सकती है।

  • क्रोध और अपमान से बचें, क्योंकि इससे नकारात्मकता बढ़ती है। यह महीना सकारात्मकता और शुभ विचारों का प्रतीक है।

  • शादी, सगाई, नए कार्य की शुरुआत, मुंडन और जनेऊ संस्कार जैसे शुभ कार्य इस माह में न करें।

  • किसी को खाली हाथ न लौटाएं और धोखाधड़ी से बचें, क्योंकि इससे आपको नुकसान हो सकता है।

  • इस माह में व्रत का संकल्प न लें और न ही उद्यापन करें।


अधिकमास में पुण्य के कार्य

इन कार्यों से मिलेगा पुण्य



  • हर दिन भगवान विष्णु की पूजा करें।

  • ॐ नमो भगवते वासुदेवाय का जाप करें।

  • शाम को तुलसी के पास दीपक जलाएं।

  • गरीबों को दान करें।