ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव
ऑनलाइन शॉपिंग में सावधानी बरतें
ऑनलाइन खरीदारी करते समय आकर्षक ऑफर्स देखना आम है, लेकिन यह ध्यान रखना आवश्यक है कि हर ऑफर असली नहीं होता। साइबर अपराधी अक्सर वास्तविक कंपनियों की तरह दिखने वाली फर्जी वेबसाइटों और ऐप्स का सहारा लेते हैं।
इन माध्यमों से वे आपकी बैंकिंग जानकारी, पासवर्ड और व्यक्तिगत डेटा चुराने का प्रयास करते हैं। एक छोटी सी गलती भी आपको आर्थिक नुकसान में डाल सकती है। हालांकि, कुछ सावधानियों के जरिए आप ऑनलाइन धोखाधड़ी के खतरे को कम कर सकते हैं।
वेबसाइट का लिंक ध्यान से जांचें
किसी भी वेबसाइट पर अपनी व्यक्तिगत या बैंकिंग जानकारी डालने से पहले उसका URL ध्यान से देखें। ठग अक्सर असली ब्रांड के नाम में एक अक्षर बदलकर या अतिरिक्त शब्द जोड़कर फर्जी लिंक बनाते हैं। इसलिए, किसी अनजान लिंक पर क्लिक करने के बजाय, कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट को सीधे खोलना बेहतर होता है।
वेबसाइट की भाषा और डिजाइन पर ध्यान दें
फर्जी वेबसाइटों पर अक्सर गलत वर्तनी, खराब भाषा, धुंधली तस्वीरें या डिजाइन में गड़बड़ियां होती हैं। हालांकि, अच्छी डिजाइन वाली वेबसाइट भी धोखाधड़ी कर सकती है, इसलिए केवल वेबसाइट की दिखावट के आधार पर उस पर भरोसा न करें।
जरूरत से ज्यादा सस्ते ऑफर से बचें
यदि किसी महंगे उत्पाद की कीमत अचानक बहुत कम दिखाई दे, तो उसकी जांच करें। ठग अक्सर सीमित समय के ऑफर्स दिखाकर लोगों को जल्दी निर्णय लेने के लिए प्रेरित करते हैं। ऐसे संदेशों के दबाव में आकर भुगतान करने से बचें।
कंपनी की संपर्क जानकारी जांचें
वेबसाइट पर कंपनी का पता, ग्राहक सेवा की जानकारी और अन्य विवरण देखें। यदि आवश्यक संपर्क जानकारी गायब है या दिए गए नंबर और पते की पुष्टि नहीं हो रही है, तो सतर्क रहें।
ऐप की परमिशन और रिव्यू जरूर देखें
किसी ऐप को डाउनलोड करने से पहले उसकी परमिशन की सूची जांचें। यदि कोई सामान्य शॉपिंग ऐप कॉन्टैक्ट्स या कॉल लॉग जैसी जानकारी मांगता है, तो सतर्क हो जाएं। ऐप के रिव्यू और डाउनलोड की संख्या भी देखें।
Google Play Protect को चालू रखें
Android फोन में Google Play Protect संभावित हानिकारक ऐप की पहचान करने में मदद करता है। इसकी स्थिति जांचें और इसे चालू रखें। आधिकारिक ऐप स्टोर से ऐप डाउनलोड करना भी महत्वपूर्ण है।
ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के लिए अपनाएं ये आदतें
किसी अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी विश्वसनीयता जांचें। बैंकिंग पासवर्ड, OTP और कार्ड से जुड़ी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। यदि किसी वेबसाइट पर संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे, तो उसका उपयोग बंद कर दें।
यदि गलती से किसी फर्जी लिंक पर जानकारी साझा कर दी है, तो तुरंत अपने बैंक से संपर्क करें। भारत में साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत के लिए 1930 हेल्पलाइन या आधिकारिक पोर्टल का उपयोग करें।