क्या Passkeys अब भी सुरक्षित हैं? नए मैलवेयर से बढ़ी चिंता
नई दिल्ली में इंटरनेट सुरक्षा पर चिंता
नई दिल्ली: इंटरनेट सुरक्षा के क्षेत्र में एक नई और चिंताजनक जानकारी सामने आई है। जिन Passkeys को पारंपरिक पासवर्ड की तुलना में अधिक सुरक्षित माना जाता था, अब उन पर हमले करने वाले मैलवेयर का पता चला है। शोधकर्ताओं के अनुसार, संक्रमित विंडोज कंप्यूटर के माध्यम से Google Password Manager में संग्रहीत पासकीज का दुरुपयोग कर अकाउंट्स तक पहुंच बनाई जा सकती है।
पासकीज की सुरक्षा का आधार
पासकीज को पारंपरिक पासवर्ड का एक सुरक्षित विकल्प माना जाता है, क्योंकि ये पब्लिक-की क्रिप्टोग्राफी पर आधारित होती हैं। इसमें एक पब्लिक और एक प्राइवेट की होती है, जिसमें प्राइवेट की कभी भी डिवाइस से बाहर नहीं जाती, जबकि वेबसाइट को पब्लिक की के माध्यम से यूजर की पहचान की पुष्टि होती है।
इस कारण से, पासकीज को फिशिंग और पासवर्ड चोरी जैसे सामान्य साइबर हमलों से अधिक सुरक्षित माना जाता है। हालांकि, नई रिसर्च से पता चला है कि यदि डिवाइस या उससे जुड़े सॉफ्टवेयर में मैलवेयर प्रवेश कर जाए, तो यह सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है।
पासकीज पर हमले के तरीके
शोध के अनुसार, हमलावरों ने पासकीज के दुरुपयोग के लिए तीन संभावित तरीकों की पहचान की है। पहले तरीके में, मैलवेयर संक्रमित कंप्यूटर का उपयोग करके बिना सामान्य वेरिफिकेशन प्रक्रिया के वैध लॉगिन बनाने की कोशिश की जाती है।
दूसरे तरीके में, डिवाइस के दोबारा एनरोलमेंट की प्रक्रिया का लाभ उठाकर हमलावर अपनी यूजर-वेरिफिकेशन जोड़ सकता है, जिससे वह अपने डिवाइस से पीड़ित के अकाउंट तक पहुंचने का प्रयास कर सकता है।
सबसे गंभीर स्थिति में, मैलवेयर Google के सिक्योरिटी सिस्टम से जुड़े सीक्रेट को हासिल करने की कोशिश कर सकता है, जिससे सिंक की गई पासकीज को डिक्रिप्ट कर उनका दुरुपयोग करने का खतरा उत्पन्न हो सकता है।
यूजर्स की सुरक्षा के उपाय
विशेषज्ञों का सुझाव है कि कंप्यूटर और सभी आवश्यक सॉफ्टवेयर को हमेशा नवीनतम सुरक्षा अपडेट के साथ रखें। भरोसेमंद और अपडेटेड एंटी-मैलवेयर सुरक्षा का उपयोग करें। इसके अलावा, अनजान ईमेल, संदिग्ध लिंक और अज्ञात अटैचमेंट पर क्लिक करने से बचें। याद रखें, पासकीज मजबूत सुरक्षा प्रदान करती हैं, लेकिन सुरक्षित डिवाइस और अपडेटेड सॉफ्टवेयर भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।