क्या आधार ऐप का प्री-इंस्टॉलेशन अब नहीं होगा अनिवार्य? जानें सरकार का नया फैसला
सरकार ने आधार ऐप के प्री-इंस्टॉलेशन प्रस्ताव को वापस लिया
केंद्र सरकार ने स्मार्टफोन्स में आधार ऐप को अनिवार्य रूप से प्री-इंस्टॉल करने के अपने प्रस्ताव को वापस लेने का निर्णय लिया है। इसके चलते अब स्मार्टफोन निर्माताओं को अपने उपकरणों में आधार ऐप पहले से इंस्टॉल करने की आवश्यकता नहीं होगी।
UIDAI का आधिकारिक बयान
UIDAI ने एक बयान में कहा है कि सरकार अब इस प्रस्ताव पर आगे नहीं बढ़ेगी। इससे प्रमुख स्मार्टफोन कंपनियों जैसे Apple और Samsung को राहत मिली है, जिन्होंने सुरक्षा और लागत में वृद्धि के कारण इस कदम का विरोध किया था।
प्रस्ताव की समीक्षा
एक सरकारी एजेंसी ने बताया कि भारत सरकार ने इस प्रस्ताव पर आगे न बढ़ने का निर्णय लिया है, जिसमें स्मार्टफोन कंपनियों के लिए अपने उपकरणों में आधार ऐप को प्री-इंस्टॉल करना अनिवार्य किया गया था। UIDAI ने शुक्रवार को मीडिया को बताया कि इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय ने इस प्रस्ताव की समीक्षा की और इसे लागू करने के पक्ष में नहीं है।
छठी बार असफल प्रयास
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह आधार ऐप का अनुरोध पिछले दो वर्षों में छठी बार था, जब सरकार ने स्मार्टफोन पर सरकारी ऐप्स को प्री-इंस्टॉल करने की मांग की थी। हर बार स्मार्टफोन कंपनियों ने इसका विरोध किया।
स्मार्टफोन कंपनियों की चिंताएं
जब स्मार्टफोन निर्माताओं को आधार ऐप के प्री-इंस्टॉलेशन का प्रस्ताव मिला, तो उन्होंने डिवाइस की सुरक्षा और संगतता को लेकर चिंता व्यक्त की। इसके अलावा, उन्होंने उत्पादन लागत में वृद्धि की भी बात की, क्योंकि उन्हें भारत और निर्यात बाजारों के लिए अलग-अलग निर्माण लाइनों का संचालन करना पड़ता।
आधार ऐप का महत्व
आधार एक 12-अंकों का यूनिक आइडेंटिटी नंबर है, जो किसी व्यक्ति के फिंगरप्रिंट और आइरिस स्कैन से जुड़ा होता है। यह लगभग 1.34 अरब भारतीयों के पास है और इसका उपयोग बैंकिंग और अन्य सेवाओं में पहचान के लिए किया जाता है, साथ ही हवाई अड्डों पर तेजी से प्रवेश पाने के लिए भी।