क्या है 'Bribes.fyi'?: भारतीय छात्र ने रिश्वतखोरी के खिलाफ उठाया बड़ा कदम
एक नई पहल का आगाज़
नई दिल्ली: भारत में सरकारी कार्यालयों में रिश्वत मांगने की घटनाएं आम हैं, लेकिन अधिकांश लोग इसे अपनी किस्मत मानकर चुप रहते हैं। इस स्थिति को बदलने के लिए, एक युवा भारतीय छात्र ने तकनीक का सहारा लिया है। महाराजा अग्रसेन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के बीटेक छात्र आर्यन निषाद ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग करते हुए 'Bribes.fyi' नामक एक डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किया है। यह एक मुफ्त और क्राउडसोर्स्ड वेबसाइट है, जहां नागरिक सरकारी दफ्तरों में रिश्वत मांगने की शिकायतें दर्ज कर सकते हैं या दूसरों के अनुभव देख सकते हैं।
शिकायतों का विश्लेषण
इस प्लेटफॉर्म पर अब तक 251 शहरों से 600 से अधिक रिश्वतखोरी की घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं। डेटा के अनुसार, सबसे अधिक 337 शिकायतें पुलिस विभाग से आई हैं, जबकि RTO से 88 और राजस्व व भूमि अभिलेख विभाग से 69 शिकायतें मिली हैं। पासपोर्ट कार्यालय और नगर निगमों के खिलाफ भी कई शिकायतें दर्ज की गई हैं। दिलचस्प बात यह है कि लगभग 38 प्रतिशत मामलों में लोगों ने रिश्वत देने से मना कर दिया था।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर मिली सराहना
इस डिजिटल पहल को लेकर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। Reddit जैसे प्लेटफॉर्म पर यूज़र्स ने इस कदम का स्वागत किया है और इसे भ्रष्टाचार पर नियंत्रण पाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास बताया है। वहीं, Hacker News जैसे टेक फोरम पर कुछ लोगों ने डेटा की सटीकता और सत्यापन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। प्लेटफॉर्म का कहना है कि यह डेटा केवल सार्वजनिक अनुभवों को उजागर करने के लिए है, और जब एक ही दफ्तर से कई शिकायतें आती हैं, तो यह पैटर्न की पुष्टि करने में मदद करता है।
कैसे काम करती है 'Bribes.fyi'
कैसे काम करती है 'Bribes.fyi' वेबसाइट
यह वेबसाइट 2 जुलाई को लाइव हुई थी, और इसका मुख्य उद्देश्य देश में भ्रष्टाचार के पैटर्न को उजागर करना है। 'Bribes.fyi' पर कोई भी व्यक्ति एक मिनट के भीतर अपनी शिकायत दर्ज कर सकता है। इसके लिए यूजर को शहर, संबंधित सरकारी विभाग और मांगी गई रिश्वत की राशि जैसी जानकारी भरनी होती है। इसके अलावा, यूजर यह भी बता सकता है कि उसने रिश्वत दी थी या नहीं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाती है, जिससे लोग बिना किसी डर के अपनी बात साझा कर सकें।