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पीएम मोदी का इंडोनेशिया दौरा: भारत-इंडोनेशिया संबंधों में नई ऊर्जा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का तीन दिवसीय इंडोनेशिया दौरा आज से शुरू हो गया है। इस यात्रा के दौरान, भारत और इंडोनेशिया के बीच खाद्य सुरक्षा, डिजिटल गवर्नेंस, और स्वास्थ्य सेवाओं पर महत्वपूर्ण समझौतों की उम्मीद है। दोनों देशों के बीच रक्षा और तकनीकी सहयोग को बढ़ाने पर भी चर्चा होगी। डिजिटल भुगतान में सहयोग से व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलने की संभावना है। जानें इस दौरे के प्रमुख पहलुओं के बारे में।
 

प्रधानमंत्री का तीन दिवसीय दौरा शुरू


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से इंडोनेशिया की तीन दिवसीय यात्रा पर निकल चुके हैं, जो 8 जुलाई को समाप्त होगी। विदेश मंत्रालय ने इस यात्रा की पुष्टि की है, जिसमें भारत और इंडोनेशिया के बीच व्यापार और संबंधों को नई दिशा देने की उम्मीद है। इस दौरान, दोनों देश कृषि, स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा, डिजिटल गवर्नेंस और रक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने पर चर्चा करेंगे।


रक्षा और तकनीकी सहयोग पर जोर

इंडोनेशिया भारत के साथ रक्षा निर्माण, तकनीकी हस्तांतरण, सैन्य प्रशिक्षण और समुद्री सहयोग पर काम कर रहा है। आत्मनिर्भर भारत के तहत, यह घरेलू रक्षा उत्पादन में नए अवसरों की तलाश कर रहा है। दोनों देश एआई संचालित वित्तीय बाजार निगरानी और तकनीक-आधारित पूंजी बाजार सुधारों में भारतीय विशेषज्ञता का उपयोग करने की संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं।


डिजिटल भुगतान में सहयोग

भारत और इंडोनेशिया के बीच सहयोग का एक महत्वपूर्ण आधार डिजिटल भुगतान बन रहा है। इंडोनेशिया भारत के अनुभव का लाभ उठाते हुए इस क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। यह पहल पर्यटन, व्यापार और डिजिटल कॉमर्स को बढ़ावा देने की उम्मीद कर रही है। यूपीआई-क्यूआरआईएस कॉरिडोर भारतीय व्यवसायों और पर्यटकों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव लाने वाला साबित होगा।


मोदी-प्रबोवो शिखर सम्मेलन

डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के संदर्भ में, इंडोनेशिया का ओपन नेटवर्क भारत के ओएनडीसी मॉडल से प्रेरित है। यह 6.5 करोड़ से अधिक एमएसएमई के लिए एक समावेशी डिजिटल बाजार बनाने के उद्देश्य से लागू किया जा रहा है। मोदी-प्रबोवो शिखर सम्मेलन के दौरान 7 जुलाई को पहले लाइव लेन-देन की उम्मीद है।


स्वास्थ्य योजनाओं में सहयोग

इंडोनेशिया का मुफ्त पौष्टिक भोजन कार्यक्रम भारत की मिड-डे मील योजना से प्रेरित है। इसके अलावा, रेड एंड व्हाइट विलेज कोऑपरेटिव्स पहल सस्ती दवाओं के लिए भारत के साथ सहयोग की संभावनाएं तलाश रही है।