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राजस्थान में मानसून की सक्रियता: 11 जिलों में येलो अलर्ट

राजस्थान में मानसून की गतिविधियाँ तेज हो गई हैं, जिसके चलते 11 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। अगले दो हफ्तों तक सामान्य से अधिक बारिश की संभावना है। बांसवाड़ा में सबसे अधिक 5 इंच बारिश हुई है, जबकि कुछ स्थानों पर बारिश ने समस्याएँ भी उत्पन्न की हैं। प्रशासन ने राहत कार्य शुरू कर दिए हैं और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। जानें इस मौसम की पूरी जानकारी और प्रभावित क्षेत्रों के बारे में।
 

राजस्थान में बारिश का हाल

राजस्थान मौसम: राजस्थान में मानसून की गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। मौसम विभाग, जयपुर के अनुसार, शुक्रवार को 11 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। अगले दो हफ्तों तक मानसून सक्रिय रहने की उम्मीद है और 10 सितंबर तक सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना जताई गई है।


बांसवाड़ा में सबसे अधिक 5 इंच बारिश दर्ज की गई। जयपुर में भी बारिश का सिलसिला जारी रहा। हालांकि, बारिश ने कुछ स्थानों पर समस्याएँ भी उत्पन्न की हैं। सलूंबर में एक शिक्षक अपनी बाइक के साथ नदी में बह गए, जबकि भीलवाड़ा में दो युवतियाँ नदी में नहाते समय पानी बढ़ने से डूब गईं।


कहाँ-कहाँ हुई बारिश:


पिछले 24 घंटों में कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश हुई। बांसवाड़ा के सज्जनगढ़ में 135 मिमी, कुशलगढ़ में 67 मिमी, झालावाड़ के डग में 110 मिमी, बूंदी के नैनवां में 53 मिमी, अलवर के रामगढ़ में 31 मिमी, दौसा में 31 मिमी, जयपुर के चौमूं में 40 मिमी, कोटा के दिगोद में 51 मिमी, सवाई माधोपुर के बौंली में 39 मिमी और उदयपुर के नयागांव में 21 मिमी बारिश हुई। श्रीगंगानगर, प्रतापगढ़, नागौर, और हनुमानगढ़ जैसे जिलों में हल्की बारिश हुई।


मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून ट्रफ और लो-प्रेशर सिस्टम के कारण भारी बारिश हो रही है। अगले सप्ताह तक हल्की से तेज बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। बारिश के कारण सड़कों पर पानी भर गया है, फसलों को नुकसान हो रहा है और जनजीवन प्रभावित हो रहा है।


मौसम विभाग ने नदी किनारे रहने वालों और स्कूल जाने वाले बच्चों को सतर्क रहने की सलाह दी है। सलूंबर और भीलवाड़ा की घटनाएँ यह दर्शाती हैं कि बारिश खतरनाक हो सकती है। प्रशासन ने राहत कार्य शुरू कर दिए हैं। किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है, क्योंकि अगले दो हफ्तों तक बारिश का यह दौर जारी रहेगा।