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सीबीआई ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के कार्यालय पर की छापेमारी

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के चंडीगढ़ स्थित कैंप कार्यालय पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई उच्च न्यायालय द्वारा भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच सीबीआई को सौंपे जाने के बाद की गई। मुख्यमंत्री ने इसे राजनीतिक दबाव का परिणाम बताया है, जबकि आप नेताओं ने भी इसे भाजपा की हताशा के रूप में देखा है। जानें इस मामले में क्या हुआ और राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ क्या हैं।
 

मुख्यमंत्री कार्यालय पर सीबीआई की कार्रवाई


केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मंगलवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के चंडीगढ़ स्थित कैंप कार्यालय और उनके कार्यालय से जुड़े अधिकारियों के आवासों पर छापेमारी की।


यह कार्रवाई पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच सीबीआई को सौंपे जाने के एक दिन बाद की गई। सूत्रों के अनुसार, सीबीआई ने सेक्टर-दो में मुख्यमंत्री के कैंप कार्यालय, उनके ओएसडी राजबीर सिंह घुमन के संगरूर स्थित आवास और मोहाली में उनके एक करीबी रिश्तेदार के परिसर में तलाशी ली। इस दौरान सीआरपीएफ के जवान भी तैनात थे।


यह मामला प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पंजाब के पुलिस महानिदेशक को भेजे गए पत्रों में उठाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों से संबंधित है। इनमें सरकारी तबादलों और नियुक्तियों में कथित लेन-देन, अनुकूल नीतिगत फैसलों और निविदाओं से जुड़े मामले शामिल हैं। उच्च न्यायालय ने 5 अक्टूबर को सीबीआई को आपराधिक मामला दर्ज कर जांच करने का निर्देश दिया था। इस बीच, पंजाब सरकार ने उच्च न्यायालय के आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है।


मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सीबीआई की कार्रवाई को राजनीतिक बताया और आरोप लगाया कि भाजपा आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए ईडी और सीबीआई का उपयोग कर उनकी छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रही है।


आप नेताओं ने भी इस कार्रवाई को राजनीतिक दबाव के रूप में देखा। आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर कहा कि चुनाव से दो महीने पहले सीबीआई की छापेमारी भाजपा की हताशा का परिणाम है।


उन्होंने कहा कि भाजपा ने पंजाब में चुनाव जीतने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया है, लेकिन पंजाब के लोग सच्चाई को समझते हैं और आगामी चुनाव में इसका जवाब देंगे।