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अमेरिका-चीन के बीच AI पर बढ़ता तनाव: डारियो अमोडेई के सुझावों पर प्रतिक्रिया

अमेरिका और चीन के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है। Anthropic के CEO डारियो अमोडेई ने AI विकास को नियंत्रित करने और चीन को उन्नत चिप्स की आपूर्ति पर रोक लगाने का सुझाव दिया है। इस पर चीन ने तीखी प्रतिक्रिया दी है, इसे 'कोल्ड वॉर प्लेबुक' करार दिया। अमोडेई का मानना है कि AI विकास की गति को धीमा करना आवश्यक है, ताकि संभावित खतरों का सामना किया जा सके। यह मुद्दा अब अमेरिका-चीन तकनीकी प्रतिस्पर्धा का केंद्र बन गया है।
 

AI पर अमेरिका और चीन के बीच तनाव


अमेरिका और चीन के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है। Anthropic के CEO डारियो अमोडेई ने AI विकास को नियंत्रित करने और चीन को उन्नत चिप्स की आपूर्ति पर रोक लगाने का सुझाव दिया है, जिस पर बीजिंग ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। चीन के सरकारी मीडिया ने इसे 'कोल्ड वॉर प्लेबुक' करार दिया है.


AI विकास की गति को धीमा करने की अपील

डारियो अमोडेई ने हाल ही में एक लेख में फ्रंटियर AI के विकास की गति को जानबूझकर कम करने का सुझाव दिया। उनका मानना है कि अत्यधिक सक्षम AI मॉडल तेजी से विकसित हो रहे हैं, इसलिए सरकारों और कंपनियों को इनसे जुड़े संभावित खतरों का सामना करने के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए। इस विचार को OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन और SpaceX के संस्थापक एलन मस्क का समर्थन भी प्राप्त हुआ है.


चीन को चिप निर्यात पर सख्ती की मांग

अमोडेई का प्रस्ताव केवल AI कंपनियों से विकास धीमा करने की अपील तक सीमित नहीं है। उन्होंने अमेरिका से चीन को एडवांस्ड सेमीकंडक्टर चिप्स के निर्यात पर और कड़े प्रतिबंध लगाने की भी मांग की है। इसके साथ ही, उन्होंने चीनी AI लैब्स द्वारा 'डिस्टिलेशन' के उपयोग पर कार्रवाई की बात भी की है, जिसमें एक AI मॉडल की क्षमताओं का उपयोग दूसरे मॉडल को प्रशिक्षित करने के लिए किया जाता है.


चीन की प्रतिक्रिया: 'कोल्ड वॉर प्लेबुक'

अमोडेई के सुझावों पर चीन के सरकारी अखबार Global Times ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। अखबार ने इसे 'कोल्ड वॉर प्लेबुक' बताते हुए आरोप लगाया कि AI सुरक्षा के नाम पर ऐसे कदम उठाए जा रहे हैं, जो चीन की तकनीकी प्रगति को बाधित करेंगे। चीन का कहना है कि इस तरह के तकनीकी अवरोध अमेरिका की उन्नत तकनीक पर अपनी पकड़ बनाए रखने की कोशिश का हिस्सा हैं.


AI सुरक्षा और तकनीकी प्रतिस्पर्धा

अमोडेई ने CBS News से बातचीत में स्वीकार किया कि उनके प्रस्ताव का सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि चीन या अन्य प्रतिकूल देश AI विकास की गति कम करने पर सहमत नहीं होते, तो क्या किया जाएगा। यह मुद्दा अब अमेरिका-चीन तकनीकी प्रतिस्पर्धा का केंद्र बन गया है। AI सुरक्षा, एडवांस्ड कंप्यूटिंग और चिप नियंत्रण के बीच संबंध आने वाले समय में वैश्विक तकनीकी दौड़ को प्रभावित कर सकते हैं.