आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भविष्य: क्या 2029 में इंसानी बुद्धि के बराबर पहुंचेगा एजीआई?
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भविष्यवाणियाँ
नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में भविष्यवाणियों पर चर्चा फिर से गर्म हो गई है। प्रसिद्ध कंप्यूटर वैज्ञानिक रे कुर्जवील ने 1999 में कहा था कि 2029 तक आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस (एजीआई) मानव बुद्धि के स्तर तक पहुँच सकता है। उस समय कई विशेषज्ञों ने इसे विज्ञान कथा मान लिया था, लेकिन अब 2026 के करीब आते ही कई प्रमुख तकनीकी विशेषज्ञ इसे सही मानने लगे हैं।
जब कुर्जवील ने यह भविष्यवाणी की थी, तब इंटरनेट अपने प्रारंभिक चरण में था। उन्होंने कहा था कि भविष्य में मशीनें इंसानों जैसी समझ और क्षमताएँ प्राप्त कर लेंगी। उस समय स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में एआई विशेषज्ञों की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई थी, जिसमें सैकड़ों वैज्ञानिक शामिल हुए थे। उस सम्मेलन में लगभग 80 प्रतिशत विशेषज्ञों ने कहा था कि इंसानी स्तर की एआई बनने में कम से कम 100 साल लगेंगे।
बदलते समय के साथ एआई में बदलाव
इन संशय व्यक्त करने वालों में एआई के प्रमुख वैज्ञानिक जेफ्री हिंटन भी शामिल थे। लेकिन समय के साथ एआई तकनीक में तेजी से प्रगति हुई है। अब कई प्रमुख तकनीकी नेता मानते हैं कि 2028 से 2029 के बीच एजीआई स्तर की तकनीक देखने को मिल सकती है। सैम ऑल्टमैन और जेनसन हुआंग जैसे उद्योग के प्रमुख नेता भी इसी समयसीमा के आसपास एआई में बड़े बदलाव की संभावना व्यक्त कर चुके हैं।
कुर्जवील की भविष्यवाणी का आधार तकनीक के विकास की तेज गति है। उन्होंने अपने मॉडल में प्रति डॉलर कंप्यूटेशन क्षमता के तेजी से बढ़ते आंकड़ों का उपयोग किया। उनके अनुसार, 1939 से अब तक कंप्यूटिंग क्षमता में लगभग 75 क्वाड्रिलियन गुना वृद्धि हुई है। इसी तेजी को देखते हुए उन्होंने अनुमान लगाया कि मशीनों की बुद्धि इंसानों के स्तर तक पहुँच सकती है।
कुर्जवील की भविष्यवाणियाँ
कुर्जवील का कहना है कि उनकी 147 भविष्यवाणियों में से लगभग 86 प्रतिशत सही साबित हुई हैं। उदाहरण के लिए, उन्होंने 1990 में कहा था कि 2000 तक कंप्यूटर विश्व शतरंज चैंपियन को हरा देगा। यह भविष्यवाणी तब सही साबित हुई जब डीप ब्लू ने 1997 में विश्व चैंपियन गैरी कास्परोव को हराया था।
अपने नए विचारों में, कुर्जवील ने 2045 तक सिंगुलैरिटी के दौर की बात की है। उन्होंने अपनी किताब 'The Singularity Is Nearer' में लिखा है कि उस समय मानव बुद्धि लाखों गुना बढ़ सकती है। उनका मानना है कि भविष्य में मशीन इंटेलिजेंस और मानव मस्तिष्क का सीधा संपर्क हो सकता है।
इसी तरह, टेक उद्योग के कई नेता मानते हैं कि एआई तेजी से प्रगति कर रहा है। एलन मस्क ने हाल ही में कहा था कि इस दशक के अंत तक एआई इंसानों की सामूहिक बुद्धि से भी अधिक शक्तिशाली हो सकता है।