ई-रिक्शा चालकों के लिए राहत: केंद्र सरकार ने दो चीनी ऐप्स पर लगाया प्रतिबंध
सरकार का सुरक्षा कदम
नई दिल्ली: देशभर में ई-रिक्शा चालकों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर आई है। हाल ही में कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे, जिनमें दिखाया गया था कि कुछ लोग मोबाइल ऐप के जरिए चलते हुए ई-रिक्शा को दूर से ही बंद कर देते थे। इससे ड्राइवरों को सड़क पर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था और यात्रियों की सुरक्षा पर भी सवाल उठने लगे थे। अब केंद्र सरकार ने इस समस्या का समाधान करते हुए दो चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगा दिया है।
सरकार की कार्रवाई
एक रिपोर्ट के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने जांच के बाद BAT-BMS और Epoch Li-ion नामक दो चीनी बैटरी प्रबंधन ऐप्स को भारत में प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया है। मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने 3 जुलाई को भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के एक कार्यक्रम में बताया कि इन ऐप्स को ऐप स्टोर और गूगल प्ले स्टोर से हटा दिया गया है। यह कदम सुरक्षा चिंताओं को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
वायरल वीडियो और जांच की शुरुआत
इन ऐप्स की जांच तब शुरू हुई जब सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हुए। इन वीडियो में कुछ लोग ब्लूटूथ के माध्यम से ई-रिक्शा की बैटरी का पावर सप्लाई बंद करते हुए दिखाई दिए। इससे चलते हुए ई-रिक्शा अचानक रुक जाते थे, जिससे चालक और यात्रियों दोनों के लिए खतरा उत्पन्न हो जाता था। इस स्थिति को देखते हुए सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया।
BAT-BMS ऐप की कार्यप्रणाली
जानकारी के अनुसार, BAT-BMS ऐप को चीन की कंपनी **शेन्जेन ग्रेनर्जी टेक्नोलॉजी** ने विकसित किया था। यह ऐप ब्लूटूथ आधारित लिथियम-आयन बैटरियों के प्रबंधन के लिए बनाया गया था और इसमें बैटरी से जुड़ी जानकारी जैसे वोल्टेज, करंट, तापमान, चार्जिंग साइकिल और बैटरी की स्थिति प्रदर्शित होती थी। इसके अलावा, इसमें बैटरी के डिस्चार्ज सिस्टम को चालू या बंद करने का विकल्प भी था।
तकनीकी खामी का दुरुपयोग
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में कई कम कीमत वाले ई-रिक्शा और इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों में चीनी बैटरी प्रबंधन सिस्टम का उपयोग किया जाता है। इनमें से कई सिस्टम सुरक्षा उपायों के बिना काम करते हैं। कई मामलों में पासवर्ड सुरक्षा नहीं होती या फिर डिफॉल्ट लॉगिन का उपयोग जारी रहता है। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति 10 से 15 मीटर की ब्लूटूथ रेंज में हो, तो वह बिना अनुमति के बैटरी से कनेक्ट होकर उसे नियंत्रित कर सकता है।
इस तकनीकी कमजोरी का फायदा उठाकर कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर प्रैंक वीडियो बनाना शुरू कर दिया। इन वीडियो में चलते हुए ई-रिक्शा की बैटरी को दूर से डिस्कनेक्ट कर दिया जाता था, जिससे वाहन अचानक रुक जाते थे। इससे चालक और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं।