ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग से बचने के लिए Cyber Dost I4C की महत्वपूर्ण सलाह
नई दिल्ली में ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग की बढ़ती घटनाएं
नई दिल्ली: ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जिसमें अपराधी लोगों को उनकी निजी तस्वीरों या वीडियो के माध्यम से धमकाते हैं और पैसे की मांग करते हैं। कई बार, पीड़ित मानसिक दबाव में आकर गंभीर कदम उठाने पर मजबूर हो जाते हैं। ऐसे साइबर अपराधों से बचने के लिए गृह मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत एजेंसी Cyber Dost I4C ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है।
ब्लैकमेलिंग से बचने के उपाय
Cyber Dost I4C ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया है कि यदि कोई आपकी निजी तस्वीरों के जरिए ब्लैकमेल कर रहा है, तो आपको घबराने की आवश्यकता नहीं है।
एजेंसी के अनुसार, आपको एक विशेष प्रक्रिया का पालन करना होगा, जिससे आपकी सामग्री सुरक्षित रहेगी और उसके दुरुपयोग को रोका जा सकेगा।
StopNCII.org पर डिजिटल फिंगरप्रिंट बनाना
StopNCII.org पर बनाएं डिजिटल फिंगरप्रिंट
- एजेंसी ने बताया है कि सबसे पहले StopNCII.org पर जाएं।
- वहां अपनी इमेज या वीडियो से संबंधित एक डिजिटल फिंगरप्रिंट (HASH) तैयार करें। यह HASH आपकी प्राइवेट फोटो या वीडियो का प्रतिनिधित्व करता है।
- महत्वपूर्ण बात यह है कि यह प्रक्रिया आपके अपने डिवाइस पर ही होती है, जिससे आपकी फोटो या वीडियो कहीं भी अपलोड नहीं होती और पूरी तरह सुरक्षित रहती है।
StopNCII.org का कार्यप्रणाली
StopNCII.org क्या है और कैसे काम करता है?
StopNCII.org एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जो बिना सहमति के शेयर की गई निजी फोटो या वीडियो के दुरुपयोग को रोकने में मदद करता है। इसे एक अंतरराष्ट्रीय एजेंसी द्वारा संचालित किया जाता है।
यह प्लेटफॉर्म आपकी निजी फोटो या वीडियो को एक विशेष कोड में परिवर्तित करता है, जिसे पार्टनर सोशल मीडिया कंपनियों के साथ साझा किया जाता है। जब संबंधित फोटो या वीडियो की पहचान होती है, तो उसे हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है।
यदि कोई गलत इरादे से ऐसी सामग्री अपलोड करने का प्रयास करता है, तो उसे तुरंत ब्लॉक किया जा सकता है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का सहयोग
बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भी जुड़े
StopNCII.org के साथ कई प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म मिलकर काम कर रहे हैं, जिनमें Meta (फेसबुक और इंस्टाग्राम), TikTok, Reddit और Snapchat शामिल हैं।
इन प्लेटफॉर्म्स के सहयोग से निजी तस्वीरों और वीडियो के दुरुपयोग को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।