ऑस्ट्रेलिया में बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध का प्रभाव
सोशल मीडिया पर रोक का असर
ऑस्ट्रेलिया ने 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है, जिसका प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। सरकार के अनुसार, दिसंबर में इस कानून के लागू होने के बाद से लगभग 47 लाख सोशल मीडिया अकाउंट्स को बंद या सीमित किया गया है, जो कि बच्चों के होने की पुष्टि की गई है।
प्रधानमंत्री का बयान
प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने इस कानून को देश के लिए गर्व का विषय बताया है। उन्होंने कहा कि पहले कई लोगों ने संदेह व्यक्त किया था कि यह नियम प्रभावी नहीं होगा, लेकिन अब परिणाम सामने हैं। सरकार का मानना है कि इससे बच्चों को सुरक्षित और बेहतर बचपन मिलेगा।
कानून का कार्यान्वयन
सोशल मीडिया कंपनियों को यूजर्स की उम्र की पुष्टि करने के लिए विभिन्न तरीकों का उपयोग करना पड़ा, जैसे कि पहचान पत्र, चेहरे की पहचान करने वाली तकनीक, और पुराने अकाउंट डेटा की जांच। सरकार के अनुसार, सभी प्रमुख कंपनियों ने नियमों का पालन किया और समय पर रिपोर्ट प्रस्तुत की।
नियमों का उल्लंघन
यदि फेसबुक, इंस्टाग्राम, टिकटॉक, यूट्यूब, और एक्स जैसे प्लेटफॉर्म नियमों का पालन नहीं करते हैं, तो उन पर 49.5 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। हालांकि, व्हाट्सऐप और फेसबुक मैसेंजर जैसे मैसेजिंग ऐप्स को इस कानून से बाहर रखा गया है।
मेटा की प्रतिक्रिया
फेसबुक और इंस्टाग्राम की मूल कंपनी मेटा ने बताया कि उसने अकेले लगभग 5.5 लाख अकाउंट्स को हटाया है। हालांकि, कंपनी ने इस कानून की आलोचना करते हुए कहा कि छोटे ऐप्स पर बच्चों की सुरक्षा का खतरा बना रह सकता है।
अन्य देशों की प्रतिक्रिया
ऑस्ट्रेलिया के इस कदम पर वैश्विक ध्यान केंद्रित है। डेनमार्क और मलेशिया जैसे देश भी बच्चों के लिए इसी तरह के कानून पर विचार कर रहे हैं। भारत में भी मद्रास हाईकोर्ट ने इस प्रकार के कानून की संभावना पर चर्चा की है।