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क्या Google बिना डिग्री वालों को नौकरी दे रहा है? जानें सर्गी ब्रिन की राय

Google ने बिना कॉलेज डिग्री वाले पेशेवरों के लिए नौकरी के नए अवसर खोले हैं। सर्गी ब्रिन ने बताया कि कंपनी ने डिग्री की अनिवार्यता को कम किया है और अब स्किल्स पर ध्यान केंद्रित कर रही है। AI के प्रभाव से एंट्री-लेवल नौकरियों का स्वरूप बदल रहा है। जानें इस बदलाव के पीछे की वजह और अन्य टेक कंपनियों का रुख।
 

नई दिल्ली में तकनीकी बदलाव


नई दिल्ली: टेक्नोलॉजी की दुनिया में नौकरी पाने के पारंपरिक मानदंड तेजी से बदल रहे हैं। अब केवल कॉलेज डिग्री ही अच्छी सैलरी वाली नौकरी की गारंटी नहीं है। Google जैसी प्रमुख टेक कंपनी भी इस बदलाव का नेतृत्व कर रही है, जहां बिना डिग्री वाले पेशेवरों के लिए नए अवसर खुल रहे हैं।


Google में डिग्री की अनिवार्यता में कमी

बर्निंग ग्लास इंस्टीट्यूट के आंकड़ों के अनुसार, 2017 से 2022 के बीच Google की जॉब पोस्टिंग में कॉलेज डिग्री की अनिवार्यता में कमी आई है। पहले 93 प्रतिशत नौकरियों में डिग्री की आवश्यकता थी, जो अब घटकर 77 प्रतिशत रह गई है। इस बदलाव के चलते बिना डिग्री वाले लोगों की हिस्सेदारी 16 प्रतिशत बढ़ गई है। Google के सह-संस्थापक सर्गी ब्रिन ने इस बदलाव के पीछे की वजह बताई है।


बिना डिग्री वालों को नौकरी देने का कारण

हाल ही में, सर्गी ब्रिन ने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के इंजीनियरिंग छात्रों से बातचीत के दौरान इस ट्रेंड पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि Google कभी भी केवल शैक्षणिक पृष्ठभूमि के आधार पर हायरिंग नहीं करता। कंपनी ने कई पदों के लिए डिग्री की अनिवार्यता को कम कर दिया है।


ब्रिन ने कहा कि हमने कई एकेडमिक स्टार्स को हायर किया है, लेकिन ऐसे भी लोग हैं जिनके पास बैचलर डिग्री नहीं है। वे खुद से सीखने में सक्षम हैं।


AI का एंट्री-लेवल जॉब्स पर प्रभाव

इस बदलाव के पीछे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक महत्वपूर्ण कारण है। AI ने एंट्री-लेवल नौकरियों का स्वरूप बदल दिया है, जिससे कंपनियां अब डिग्री से ज्यादा स्किल्स पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं।


जैसे-जैसे AI एंट्री-लेवल कार्यों को ऑटोमेट कर रहा है, कंपनियां टैलेंट पहचानने के नए तरीकों पर विचार कर रही हैं। परिणामस्वरूप, फॉर्मल डिग्री की जगह प्रैक्टिकल स्किल्स और सीखने की क्षमता को अधिक महत्व दिया जा रहा है।


सर्गी ब्रिन का कंप्यूटर साइंस चयन

सर्गी ब्रिन ने अपने एकेडमिक निर्णयों पर चर्चा करते हुए बताया कि उन्होंने कंप्यूटर साइंस को अपने इंटरेस्ट के कारण चुना। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए एक आसान निर्णय था और वे इस क्षेत्र में अपने अनुभव को लकी मानते हैं।


युवाओं के लिए ब्रिन की सलाह

ब्रिन ने छात्रों को ऑटोमेशन के डर के आधार पर करियर के फैसले लेने से सावधान किया। उन्होंने कहा कि AI कुछ क्षेत्रों को खत्म कर सकता है, लेकिन कुछ में इसका प्रभाव अलग होगा।


अन्य टेक कंपनियों का रुख

यह बहस केवल Google तक सीमित नहीं है। Microsoft, Apple और Cisco जैसी कंपनियां भी अब डिग्री की बजाय स्किल्स को प्राथमिकता दे रही हैं। इन कंपनियों में स्किल-बेस्ड हायरिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है।


एलन मस्क का बयान

टेस्ला और स्पेसएक्स के फाउंडर एलन मस्क ने भी इस बहस में भाग लिया है। उन्होंने कहा कि AI के युग में कॉलेज जाना अब उतना आवश्यक नहीं है। एक पॉडकास्ट में उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज जाना अब 'बेकार' है।


मेडिकल क्षेत्र में AI की भूमिका के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में AI रोबोट इंसानों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर सकते हैं।