गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई के भाषण के दौरान स्टैनफोर्ड में छात्रों का विरोध
स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह
स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय का हालिया दीक्षांत समारोह एक विशेष कारण से चर्चा का विषय बना। जब गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई छात्रों को संबोधित कर रहे थे, तभी कुछ छात्रों ने सामूहिक रूप से सभागार छोड़ दिया। यह कदम एक संगठित विरोध प्रदर्शन का हिस्सा माना गया। इस घटना ने तकनीकी कंपनियों की भूमिका और सरकारी अनुबंधों पर चल रही बहस को फिर से उजागर किया।
विरोध प्रदर्शन की घटना
समारोह के दौरान कुछ छात्र एक साथ उठकर बाहर चले गए। यह विरोध कुछ छात्र संगठनों द्वारा आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि बड़ी तकनीकी कंपनियां सरकारी और रक्षा एजेंसियों के साथ ऐसे अनुबंध कर रही हैं, जिन पर सवाल उठाए जा रहे हैं। छात्रों ने अपने विरोध को शांतिपूर्ण तरीके से व्यक्त किया।
Stanford grads walk out as Google CEO Sundar Pichai takes the stage as commencement speaker. No mention of AI, unlike other uni speakers getting booed down this year. Story for @sfgate shortly pic.twitter.com/qvS2rJ91Ip
— Matt Brown (@maattttbrown) June 14, 2026
पिचाई का भाषण और एआई का अभाव
हाल के वर्षों में कई तकनीकी नेता दीक्षांत समारोहों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर चर्चा कर चुके हैं, लेकिन सुंदर पिचाई ने इस विषय पर गहराई से बात नहीं की। उन्होंने छात्रों को जीवन और करियर से संबंधित सामान्य लेकिन महत्वपूर्ण सलाह दी। अपने भाषण में उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कुछ बातें भी कहीं, जिससे माहौल सहज बना रहा। उनका मुख्य ध्यान छात्रों को प्रेरित करने और सकारात्मक सोच अपनाने के संदेश पर था।
आशावाद का संदेश
पिचाई ने अपने अनुभवों का उल्लेख करते हुए कहा कि जीवन में परिस्थितियों को देखने का नजरिया बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कैलिफोर्निया में बिताए अपने शुरुआती दिनों की एक याद साझा की और बताया कि समय के साथ किसी स्थिति को समझने का तरीका बदल सकता है। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे अपने करियर की शुरुआत खुले मन और आशावादी दृष्टिकोण के साथ करें। उनके अनुसार चुनौतियां हर दौर में आती हैं, लेकिन सकारात्मक दृष्टिकोण व्यक्ति को आगे बढ़ने की शक्ति देता है।
एआई और रोजगार पर बहस
समारोह के बाहर तकनीकी क्षेत्र में एआई और रोजगार को लेकर बहस जारी है। कई विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि स्वचालन बढ़ने से शुरुआती स्तर की नौकरियों पर प्रभाव पड़ सकता है। वहीं, कुछ उद्योग नेताओं का मानना है कि एआई को हर नौकरी कटौती का कारण बताना उचित नहीं है। सुंदर पिचाई पहले भी कह चुके हैं कि एआई तकनीकी दुनिया में बड़ा बदलाव लाएगा। उनका मानना है कि आज के छात्र न केवल इस बदलाव को देखेंगे, बल्कि उसे आकार देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।