चीन ने कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश दिया
कश्मीर विवाद पर चीन का रुख
कश्मीर मुद्दा दोनों देशों के बीच का है
नई दिल्ली: कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान को एक बार फिर से पीछे हटना पड़ा है, जब उसके प्रमुख सहयोगी देश चीन ने इसे दोनों देशों के बीच का मामला बताया। चीन ने इस विवाद को द्विपक्षीय समझौतों के आधार पर सुलझाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। इससे पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कश्मीर मुद्दे को उठाने की योजना एक बार फिर विफल हो गई है।
चीन के विदेश मंत्री वांग यी और पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार के बीच हुई 7वीं रणनीतिक वार्ता के समापन पर जारी संयुक्त बयान में कश्मीर का उल्लेख किया गया है। हालांकि, चीन ने पाकिस्तान के पक्ष में कोई एकतरफा बयान नहीं दिया।
चीन का समाधान का सुझाव
इस बयान में कहा गया है कि पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर पर अपनी स्थिति और हालिया घटनाक्रमों की जानकारी दी। चीन ने फिर से यह स्पष्ट किया कि जम्मू और कश्मीर का विवाद ऐतिहासिक है और इसे संयुक्त राष्ट्र चार्टर, सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों और द्विपक्षीय समझौतों के अनुसार शांतिपूर्ण तरीके से हल किया जाना चाहिए।
संयुक्त बयान में दोनों पक्षों ने समानता और पारस्परिक लाभ के सिद्धांत के तहत जल संसाधनों के सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।
सिंधु जल संधि का उल्लेख नहीं
अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय सुरक्षा को बनाए रखने के महत्व को दोहराया गया है, लेकिन भारत द्वारा सिंधु जल संधि को स्थगित करने के निर्णय का कोई उल्लेख नहीं किया गया। पहलगाम हमले के बाद भारत ने इस जल संधि को स्थगित कर दिया था। कुल मिलाकर, चीन ने संतुलित रुख अपनाते हुए पाकिस्तान को कश्मीर पर द्विपक्षीय समाधान का संदेश दिया।
भारत का दृष्टिकोण
भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर और पीओके का मुद्दा आजादी के समय से चला आ रहा है। पाकिस्तान भारत के कश्मीर को अपना हिस्सा मानता है, जबकि भारत पाक अनधिकृत कश्मीर को अपना हिस्सा बताता है। पाकिस्तान इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने की कोशिश करता रहा है, लेकिन भारत ने इसे कभी सफल नहीं होने दिया।
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