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दिल्ली-NCR में दिवाली से पहले प्रदूषण की गंभीर स्थिति

दिल्ली-NCR में दिवाली से पहले वायु प्रदूषण की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, जहां कई क्षेत्रों में AQI 400 के पार पहुंच गया है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने GRAP-3 लागू किया है, लेकिन इसके बावजूद प्रदूषण में कोई सुधार नहीं हुआ है। जानें किन इलाकों में सबसे ज्यादा प्रदूषण है और स्वास्थ्य पर इसके प्रभाव के बारे में।
 

दिल्ली NCR में वायु प्रदूषण की चिंता


दिल्ली NCR में वायु प्रदूषण: दिवाली से एक दिन पहले, दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण ने लोगों की चिंताओं को बढ़ा दिया है। राजधानी की हवा में प्रदूषण का स्तर बेहद खराब श्रेणी में बना हुआ है। कई क्षेत्रों में AQI 400 के पार पहुंच गया है, जिससे हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में दर्ज की जा रही है। इस स्थिति को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 6 नवंबर को पूरे दिल्ली-NCR में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तीसरे चरण, GRAP-3 को लागू किया। इसके बावजूद, 7 नवंबर की सुबह प्रदूषण में कोई सुधार नहीं देखा गया। शनिवार सुबह 5 बजे औसत AQI 367 दर्ज किया गया।


दिल्ली के प्रदूषण से प्रभावित क्षेत्र


राजधानी के विभिन्न मॉनिटरिंग स्टेशनों से प्राप्त आंकड़े बताते हैं कि कई रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों में प्रदूषण की स्थिति गंभीर बनी हुई है। 7 नवंबर की सुबह IIT दिल्ली में AQI 440, पंजाबी बाग में 433, विवेक विहार में 425, और अन्य क्षेत्रों में भी AQI 400 से ऊपर दर्ज किया गया। इन सभी इलाकों में हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में है।


एनसीआर में प्रदूषण का स्तर


दिल्ली के साथ-साथ एनसीआर के अन्य शहरों में भी वायु प्रदूषण की समस्या बनी हुई है। नोएडा का AQI 284, गाजियाबाद का 286, गुरुग्राम का 355 और फरीदाबाद का 347 दर्ज किया गया। इन आंकड़ों के अनुसार, गुरुग्राम और फरीदाबाद में हवा बेहद खराब श्रेणी में है, जबकि नोएडा और गाजियाबाद में यह खराब श्रेणी में है। एनसीआर में प्रदूषण की स्थिति चिंताजनक है, क्योंकि बड़ी संख्या में लोग रोजाना दिल्ली और आसपास के शहरों के बीच यात्रा करते हैं।


GRAP-3 के लागू होने के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं


दिल्ली-NCR में प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए CAQM ने 6 नवंबर को GRAP-3 लागू किया। इसके तहत पहले से लागू GRAP-1 और GRAP-2 के उपायों के साथ अतिरिक्त प्रतिबंध भी प्रभावी हुए हैं। GRAP-3 के अंतर्गत गैर-जरूरी निर्माण कार्यों पर रोक, प्रदूषण फैलाने वाले पुराने वाहनों पर प्रतिबंध, और औद्योगिक गतिविधियों की निगरानी को सख्त किया गया है। दिवाली से पहले दिल्ली-NCR में प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है, विशेषकर छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए।