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भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अवसर: विश्व बैंक की नई रिपोर्ट

विश्व बैंक की हालिया रिपोर्ट ने भारत और अन्य विकासशील देशों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में नए अवसरों की पहचान की है। रिपोर्ट में बताया गया है कि यदि सही रणनीतियों के साथ AI को अपनाया जाए, तो विकास की गति को बढ़ाया जा सकता है। हालांकि, इसके लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे और संसाधनों की उपलब्धता भी महत्वपूर्ण है। जानें कैसे AI का जिम्मेदार उपयोग विकासशील देशों के लिए फायदेमंद हो सकता है और भारत को इस क्षेत्र में क्या कदम उठाने चाहिए।
 

AI के विकास की नई संभावनाएं


नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में वैश्विक चर्चा तेज हो गई है। हाल ही में विश्व बैंक द्वारा जारी की गई रिपोर्ट ने विकासशील देशों, विशेषकर भारत, के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर प्रस्तुत किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि ये देश सही रणनीतियों और बुनियादी ढांचे के साथ AI को अपनाते हैं, तो वे अपनी विकास दर को कई गुना बढ़ा सकते हैं। हालांकि, सफलता के लिए आवश्यक है कि बिजली, इंटरनेट, कुशल मानव संसाधन और मजबूत संस्थागत ढांचा उपलब्ध हो।


AI का लाभ और चुनौतियाँ

विश्व बैंक की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि विकासशील देशों में AI का सबसे बड़ा लाभ मशीनों को काम पर लगाना नहीं, बल्कि कर्मचारियों की क्षमता को बढ़ाना होगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि निम्न और मध्यम आय वाले देशों में केवल 4.5 प्रतिशत नौकरियां ऑटोमेशन के खतरे में हैं, जबकि उच्च आय वाले देशों में यह आंकड़ा 14.2 प्रतिशत है। इसके अलावा, 16.2 प्रतिशत नौकरियों की उत्पादकता AI के माध्यम से बेहतर हो सकती है।


तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता

तेजी से कदम उठाने की जरूरत

विश्व बैंक समूह के मुख्य अर्थशास्त्री इंदरमीत गिल ने कहा कि AI विकासशील देशों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, जिसे खोना नहीं चाहिए। उनका मानना है कि छोटे और कम लागत वाले AI मॉडल को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार अपनाकर स्वास्थ्य, शिक्षा, न्याय और कृषि जैसी सेवाओं को लाखों लोगों तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि AI का विकास तेजी से हो रहा है, इसलिए समय पर तैयारी करना आवश्यक है।


बुनियादी ढांचे की आवश्यकता

पहले बुनियादी ढांचा, फिर उन्नत AI

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कई विकासशील देशों में अभी भी विश्वसनीय बिजली, तेज इंटरनेट, प्रशिक्षित मानव संसाधन, गुणवत्तापूर्ण डेटा और मजबूत संस्थानों की कमी है। यदि इन कमियों को दूर नहीं किया गया, तो AI अमीर और गरीब देशों के बीच की खाई और बढ़ सकती है। रिपोर्ट ने सुझाव दिया है कि पहले उपलब्ध AI तकनीकों को अपनाना चाहिए, और फिर उन्हें स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकसित करना चाहिए।


भारत के लिए AI का महत्व

भारत के लिए बड़ा मौका

विश्व बैंक का मानना है कि भारत जैसे देशों को बड़े AI मॉडल बनाने के बजाय स्थानीय भाषाओं और आवश्यकताओं के अनुरूप छोटे AI समाधान विकसित करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। रिपोर्ट में एक सर्वेक्षण का उल्लेख किया गया है, जिसमें बताया गया है कि भारत सहित कई देशों में पांच से अधिक कर्मचारियों वाली लगभग हर पांचवीं कंपनी AI चैटबॉट का उपयोग कर रही है, जिससे व्यापार की कार्यक्षमता में वृद्धि हो रही है।


AI के जिम्मेदार उपयोग पर जोर

जिम्मेदार AI अपनाने पर जोर

रिपोर्ट में सरकारों से AI के जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देने की अपील की गई है। इसमें निजता की सुरक्षा, पक्षपात को रोकने और मौजूदा कानूनों के प्रभावी कार्यान्वयन पर जोर दिया गया है। नई दिल्ली में आईटी सचिव एस. कृष्णन ने भी कहा कि AI का उद्देश्य इंसानों की जगह लेना नहीं, बल्कि उनकी क्षमता को बढ़ाना होना चाहिए। उनके अनुसार, AI नए रोजगार सृजन और बेहतर शासन व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।