भारत सरकार की साइबर अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई: 3,718 मोबाइल ऐप्स ब्लॉक
साइबर अपराधों के खिलाफ सरकार की कार्रवाई
नई दिल्ली: भारत सरकार ने साइबर अपराधों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। गृह मंत्रालय ने लोकसभा में जानकारी दी कि देशभर में 3,718 मोबाइल ऐप्स को ब्लॉक किया गया है, जिनमें कई फर्जी लोन ऐप्स भी शामिल हैं। यह कार्रवाई भारतीय साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (आई4सी) के सहयोग से विभिन्न एजेंसियों और तकनीकी प्लेटफार्मों के माध्यम से की गई है।
साइबर फ्रॉड से बचाव के उपाय
गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार ने बताया कि 30 जून 2026 तक सिटीजन फाइनेंशियल साइबर फ्रॉड रिपोर्टिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम (सीएफसीएफआरएमएस) के माध्यम से 11,158 करोड़ रुपये से अधिक की राशि बचाई जा चुकी है। इस तारीख तक 32.80 लाख साइबर क्राइम की शिकायतें भी दर्ज की गई हैं। यह प्रणाली बैंकों, पेमेंट गेटवे और वित्तीय संस्थानों के साथ मिलकर संदिग्ध लेनदेन को रोकने या फ्रीज करने में सहायता करती है।
म्यूल अकाउंट और सिम कार्ड पर कार्रवाई
सरकार ने म्यूल बैंक अकाउंट्स के खिलाफ भी सख्त कदम उठाए हैं, जो साइबर अपराधियों द्वारा पैसे छुपाने के लिए इस्तेमाल होते हैं। 32.08 लाख संदिग्ध म्यूल अकाउंट की पहचान की गई है, जिनमें से 25,698 करोड़ रुपये के लेनदेन को रोका गया है। इसके अलावा, 15.75 लाख मोबाइल सिम कार्ड और 5.77 लाख आईएमईआई नंबर भी ब्लॉक किए गए हैं, जो साइबर क्राइम से जुड़े पाए गए हैं।
नई प्रणाली और मॉड्यूल
गृह मंत्रालय ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) और सीएफसीएफआरएमएस के लिए एक नया स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर जारी किया है। इससे शिकायतों का निपटारा तेज होगा और एजेंसियों के बीच तालमेल बढ़ेगा, जिससे ठगे गए पैसे जल्दी फ्रीज और वापस मिल सकेंगे। अप्रैल 2026 में दो नए मॉड्यूल शुरू किए गए हैं: मनी रिस्टोरेशन मॉड्यूल और ग्रिवेंस रिड्रेसल मॉड्यूल। पहला मॉड्यूल पीड़ितों को बरामद पैसे लौटाने की प्रक्रिया को सरल बनाता है, जबकि दूसरा मॉड्यूल उन शिकायतों पर नजर रखता है जहां कार्रवाई में देरी हो रही है।
शिकायत कैसे करें
नागरिक एनसीआरपी पर ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी, फर्जी निवेश योजनाओं, डिजिटल अरेस्ट स्कैम, सेक्सटॉर्शन, पहचान चोरी, सोशल मीडिया अपराध, ऑनलाइन ब्लैकमेल और फर्जी वेबसाइट या ऐप से संबंधित धोखाधड़ी की शिकायत कर सकते हैं। इसके अलावा, वित्तीय साइबर फ्रॉड की शिकायत 1930 हेल्पलाइन पर भी की जा सकती है। सरकार जागरूकता अभियान भी चला रही है, जिसमें एसएमएस, टीवी, रेडियो, सोशल मीडिया, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, स्कूल-कॉलेज और आईपीएल जैसे आयोजनों का उपयोग किया जा रहा है। आई4सी केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, पुलिस, बैंकों और तकनीकी कंपनियों को एक साथ लाकर साइबर क्राइम से निपटने का कार्य कर रहा है।