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भारत सरकार ने ई-रिक्शा सुरक्षा के लिए तीन ऐप्स पर लगाया प्रतिबंध

भारत सरकार ने हाल ही में तीन मोबाइल ऐप्स को हटाने का आदेश दिया है, जो ई-रिक्शों को ब्लूटूथ के जरिए रोकने में सक्षम थे। यह कदम ड्राइवरों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। जानें कि ये ऐप्स कैसे काम करते थे और क्या सभी इलेक्ट्रिक गाड़ियों को खतरा है। विशेषज्ञों की सलाह और सुरक्षा उपायों के बारे में भी जानकारी प्राप्त करें।
 

ई-रिक्शा की सुरक्षा में सुधार के लिए उठाया गया कदम


हाल ही में, भारत सरकार ने तीन मोबाइल ऐप्स को हटाने का आदेश दिया है, जिनका दुरुपयोग करके चलते हुए ई-रिक्शों को ब्लूटूथ के माध्यम से बीच सड़क पर रोका जा रहा था। इन ऐप्स के नाम BAT-BMS, Losigi और Epoch Li-ion हैं। यह मामला तब उजागर हुआ जब सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हुए, जिनमें दिखाया गया कि ई-रिक्शे अचानक चलते-चलते बंद हो रहे हैं। जांच में यह सामने आया कि कुछ लिथियम-आयन बैटरियों की सुरक्षा में कमी के कारण ऐसा हो रहा था। ड्राइवरों की सुरक्षा और बैटरी के साथ छेड़छाड़ को रोकने के लिए सरकार ने यह निर्णय लिया।


सरकार का निर्णय क्यों?

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने सभी ऐप स्टोर्स को इन ऐप्स को तुरंत हटाने का निर्देश दिया है। शिकायतें मिली थीं कि कुछ लोग ई-रिक्शों की बैटरी से ब्लूटूथ के जरिए जुड़कर उन्हें रिमोटली बंद कर देते थे। इससे न केवल ड्राइवरों को परेशानी हो रही थी, बल्कि सड़क पर दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया था।


ई-रिक्शा को कैसे रोकते थे ये ऐप्स?

इन ऐप्स का उद्देश्य लिथियम-आयन बैटरी और उसके बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम की निगरानी करना था। इस सिस्टम से बैटरी की सेहत, वोल्टेज, तापमान और चार्जिंग की जानकारी मिलती है। लेकिन समस्या यह थी कि कुछ ई-रिक्शों में ऐसे BMS लगे थे जिनमें कोई मजबूत पासवर्ड सुरक्षा नहीं थी। इसका फायदा उठाकर कोई भी थोड़ी दूरी से इन ऐप्स के माध्यम से बैटरी से कनेक्ट होकर उसकी पावर सप्लाई को बंद कर सकता था।


क्या सभी इलेक्ट्रिक गाड़ियों को खतरा है?

विशेषज्ञों का कहना है कि इस समस्या से डरने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि यह केवल कुछ चुनिंदा ई-रिक्शों में है जिनमें कमजोर सुरक्षा वाली बैटरी लगी हैं। भारत में कई ई-रिक्शे पुरानी लीड-एसिड बैटरियों पर चलते हैं, जिनमें ऐसी कोई डिजिटल कनेक्टिविटी नहीं होती, इसलिए वे पूरी तरह सुरक्षित हैं। इसके अलावा, आधुनिक इलेक्ट्रिक कारों और प्रमुख ब्रांडों के इलेक्ट्रिक स्कूटरों में अत्याधुनिक सुरक्षा, एन्क्रिप्शन और वेरिफिकेशन सिस्टम होता है, जिसे सामान्य मोबाइल ऐप्स से हैक करना असंभव है।


ड्राइवरों और कंपनियों के लिए सावधानियाँ

विशेषज्ञों का मानना है कि बैटरी निर्माताओं को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हर ब्लूटूथ बैटरी में एक मजबूत और अद्वितीय पासवर्ड पहले से मौजूद हो।


ड्राइवरों के लिए सलाह: ई-रिक्शा चालक को तुरंत यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनकी बैटरी सुरक्षित है, और यदि उसमें कोई सामान्य पासवर्ड है, तो उसे बदल लेना चाहिए।


आपात स्थिति में क्या करें: यदि अचानक गाड़ी बंद हो जाए, तो घबराने के बजाय सबसे पहले रिक्शे को सुरक्षित स्थान पर लगाएं और फिर बैटरी सिस्टम को पुनः चालू करें।


बैटरी की सुरक्षा सेटिंग्स को मजबूत करके इस प्रकार की समस्याओं और सड़क दुर्घटनाओं से आसानी से बचा जा सकता है।