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भारतीय डाक ने वित्तीय क्षेत्र में नया मील का पत्थर स्थापित किया

भारतीय डाक ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में ₹4000 करोड़ का राजस्व अर्जित कर एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि की घोषणा की। पिछले वर्ष की तुलना में 22.2% की वृद्धि दर्शाते हुए, डाक विभाग ने विभिन्न सेवाओं में उल्लेखनीय वृद्धि की है। जानें इस सफलता के पीछे के कारण और कौन से राज्य सबसे आगे रहे।
 

भारतीय डाक का ऐतिहासिक राजस्व

नई दिल्ली। भारतीय डाक ने वित्तीय मोर्चे पर एक नया रिकॉर्ड स्थापित करते हुए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही, यानी अप्रैल से जून के बीच, विभाग का कुल राजस्व पहली बार ₹4,000 करोड़ के आंकड़े को पार कर गया है। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने डाक विभाग की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद इस ऐतिहासिक सफलता की आधिकारिक घोषणा की। यह पहली बार है जब किसी वित्तीय वर्ष की प्रारंभिक तिमाही में डाक विभाग ने इस तरह का राजस्व अर्जित किया है।


वित्तीय प्रदर्शन के मुख्य आंकड़े

भारतीय डाक ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में कुल ₹4,008.95 करोड़ का राजस्व प्राप्त किया है। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की इसी तिमाही में विभाग की कमाई ₹3,280 करोड़ थी। इस प्रकार, सालाना आधार पर राजस्व में 22.2 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्तमान में, डाक विभाग ने पूरे वित्त वर्ष के लिए ₹19,803 करोड़ की कमाई का लक्ष्य रखा है, जिसका एक बड़ा हिस्सा इस साल की पहली तिमाही में ही हासिल कर लिया गया है।


बिजनेस वर्टिकल्स ने बढ़ाई कमाई

डिजिटल और आधुनिक लॉजिस्टिक्स के उपयोग के कारण भारतीय डाक के सभी प्रमुख क्षेत्रों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई—

नागरिक-केंद्रित सेवाएं: आधार सेवाओं, पासपोर्ट आवेदन और केवाईसी (KYC) जैसे कार्यों से होने वाली आय में 85.7% की वृद्धि हुई, जिससे यह राजस्व ₹109 करोड़ से बढ़कर ₹203 करोड़ हो गया।

पार्सल और लॉजिस्टिक्स सेवा: पार्सल व्यवसाय में 49.9% की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे कमाई ₹197 करोड़ से बढ़कर ₹296 करोड़ हो गई।

मेल सेवाएं: पारंपरिक डाक और स्पीड पोस्ट सेवाओं ने भी 41.9% की वृद्धि दिखाई, जिससे इसका राजस्व ₹552 करोड़ से बढ़कर ₹783 करोड़ हो गया।

अंतरराष्ट्रीय व्यापार: वैश्विक संकट के बावजूद, भारतीय डाक के अंतरराष्ट्रीय व्यापार खंड में 34.3% का सुधार देखा गया।


प्रदर्शन में ये राज्य रहे सबसे आगे

डाक विभाग के इस ऐतिहासिक प्रदर्शन में विभिन्न डाक सर्किलों का योगदान महत्वपूर्ण रहा। समग्र प्रदर्शन में आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल शीर्ष तीन स्थानों पर रहे। नागरिक सेवाओं में पश्चिम बंगाल 107% ग्रोथ और उत्तर प्रदेश 106% ग्रोथ के साथ सबसे आगे रहे। पार्सल क्षेत्र में बिहार और तमिलनाडु ने बेहतरीन प्रदर्शन किया, जबकि डाकघर बचत बैंक (POSB) में छत्तीसगढ़ और झारखंड ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया।