भारतीय फुटबॉल में खालिद जमील का नया नेतृत्व
खालिद जमील का नया अध्याय
खालिद जमील: भारतीय फुटबॉल में एक नया युग शुरू होने जा रहा है। अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) ने शुक्रवार को खालिद जमील को भारतीय पुरुष फुटबॉल टीम का नया मुख्य कोच नियुक्त किया है। यह 13 वर्षों में पहला अवसर है जब किसी भारतीय को इस महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त किया गया है। खालिद, जिन्होंने 2017 में आइजॉल एफसी को I-लीग का खिताब दिलाया था, अब राष्ट्रीय टीम को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का प्रयास करेंगे।
खालिद का फुटबॉल करियर
48 वर्षीय खालिद जमील का फुटबॉल से गहरा संबंध रहा है। वह एक पूर्व भारतीय अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हैं और वर्तमान में इंडियन सुपर लीग (ISL) की टीम जमशेदपुर एफसी के कोच हैं। 2017 में, उनकी कोचिंग में आइजॉल एफसी ने सीमित संसाधनों के बावजूद I-लीग का खिताब जीता, जो भारतीय फुटबॉल के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि थी।
AIFF का निर्णय
AIFF की कार्यकारी समिति ने तीन उम्मीदवारों में से खालिद को चुना। अन्य दो उम्मीदवार पूर्व भारतीय कोच स्टीफन कॉन्स्टेंटाइन और स्लोवाकिया की राष्ट्रीय टीम के पूर्व कोच स्टीफन टार्कोविच थे। AIFF की तकनीकी समिति, जिसके प्रमुख दिग्गज फुटबॉलर आईएम विजयन हैं, ने इन तीनों नामों को अंतिम सूची में रखा। लंबी चर्चा के बाद खालिद को यह जिम्मेदारी सौंपने का निर्णय लिया गया।
भारतीय कोच का 13 साल बाद चयन
भारतीय पुरुष फुटबॉल टीम के लिए आखिरी बार किसी भारतीय कोच ने 2011-12 में जिम्मेदारी संभाली थी, जब सावियो मेडेरा ने यह भूमिका निभाई थी। उसके बाद से विदेशी कोचों का प्रभुत्व रहा। खालिद की नियुक्ति न केवल एक भारतीय कोच के लिए गर्व का क्षण है, बल्कि यह भारतीय फुटबॉल में स्थानीय प्रतिभा को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
खालिद की पहली चुनौती
खालिद के सामने पहली चुनौती सेंट्रल एशियन फुटबॉल एसोसिएशन (CAFA) नेशंस कप होगी, जो 29 अगस्त से ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान में शुरू हो रहा है। यह टूर्नामेंट उनके लिए अपनी रणनीति और नेतृत्व को साबित करने का पहला अवसर होगा। भारतीय टीम हाल के समय में कुछ चुनौतियों का सामना कर रही है, और खालिद से उम्मीद की जा रही है कि वह टीम को नई दिशा देंगे।