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मध्य प्रदेश: पर्यटन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों की ओर

मध्य प्रदेश, जिसे भारत का हृदय प्रदेश कहा जाता है, अपने अद्वितीय सौंदर्य और सांस्कृतिक धरोहर के लिए प्रसिद्ध है। यहां का पर्यटन क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है, जिसमें प्राकृतिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और फिल्म पर्यटन शामिल हैं। राज्य ने 18 स्थलों को विश्व धरोहर सूची में शामिल करने की पहल की है। पीएमश्री पर्यटन वायु सेवा की शुरुआत और स्थानीय समुदाय की भागीदारी से पर्यटन उद्योग में निरंतर वृद्धि हो रही है। 2024 में 13 करोड़ से अधिक पर्यटकों के आने की उम्मीद है, जो इस क्षेत्र के विकास को दर्शाता है।
 

मध्य प्रदेश का अद्वितीय सौंदर्य

मध्य प्रदेश, जिसे भारत का हृदय प्रदेश कहा जाता है, अपने अद्भुत सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है। यह कहना गलत नहीं होगा कि यह राज्य अत्यधिक आकर्षक है। यहां की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक धरोहरें पर्यटकों को बार-बार आकर्षित करती हैं। मध्य प्रदेश में सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए आकर्षण है। पहले के पर्यटन के विचार अब बदल चुके हैं, और अब यह क्षेत्र एक उद्योग के रूप में विकसित हो चुका है। हमारी नीतियों और दूरदर्शी निर्णयों के कारण पर्यटन क्षेत्र में तेजी से वृद्धि हो रही है.


पर्यटन का आर्थिक महत्व

यह एक स्थापित तथ्य है कि पर्यटन क्षेत्र अर्थव्यवस्था में सबसे अधिक रोजगार सृजन करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, भारत की वैश्विक पहचान में वृद्धि हुई है, जिसका सकारात्मक प्रभाव सभी राज्यों के पर्यटन उद्योग पर पड़ा है। घरेलू पर्यटन में वृद्धि ने मध्य प्रदेश जैसे राज्यों को सीधा लाभ पहुंचाया है।


नए पर्यटन स्वरूपों का उदय

मध्य प्रदेश के नागरिकों के लिए यह गर्व की बात है कि राज्य अब वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर प्रमुखता से उभरा है। यहां का पर्यटन समृद्ध और विविधतापूर्ण है, जिसमें प्राकृतिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक, वन्यजीव, ग्रामीण, रोमांचकारी, कृषि, फिल्म और चिकित्सा पर्यटन शामिल हैं। इन सभी नए स्वरूपों के साथ, मध्य प्रदेश की पहचान एक बहुआयामी पर्यटन स्थल के रूप में हो रही है.


विश्व धरोहर स्थलों की सूची में शामिल

सांची, खजुराहो और भीमबेटका जैसी विश्व प्रसिद्ध धरोहरें हमारी सांस्कृतिक पहचान को दर्शाती हैं। अब यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में ग्वालियर किला, बुरहानपुर का खूनी भंडारा, चंबल के पत्थर कला स्थल और अन्य महत्वपूर्ण स्थलों को शामिल करने की प्रक्रिया चल रही है। मध्य प्रदेश ने 18 स्थलों को विश्व धरोहर सूची में शामिल करने की पहल की है.


पीएमश्री पर्यटन वायु सेवा का शुभारंभ

राज्य में बुनियादी ढांचे में सुधार, सड़क संपर्क में वृद्धि और केंद्र सरकार के सहयोग से पर्यटन क्षेत्र को लाभ मिल रहा है। हाल ही में रीवा पर्यटन कॉन्क्लेव में तीन हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। पीएमश्री पर्यटन वायु सेवा की शुरुआत हुई है, जिससे भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा, सतना और सिगरौली के बीच हवाई यात्रा की सुविधा उपलब्ध है.


धार्मिक पर्यटन का विकास

धार्मिक स्थलों का निर्माण और सांस्कृतिक स्मारकों का विकास आध्यात्मिक पर्यटन को नया आयाम देगा। मध्य प्रदेश में कई महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल हैं, जैसे कि ओरछा में भगवान श्रीराम का मंदिर, जो विश्व का एकमात्र ऐसा मंदिर है जहां भगवान को राजा के रूप में सम्मानित किया जाता है.


फिल्म पर्यटन का बढ़ता आकर्षण

आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के साथ-साथ फिल्म पर्यटन भी तेजी से बढ़ रहा है। फिल्म निर्माताओं को मध्य प्रदेश में आकर्षक सुविधाएं मिल रही हैं, जिससे स्थानीय कलाकारों को भी काम मिल रहा है. प्रदेश में 100 पर्यटन ग्राम विकसित किए गए हैं, जिनमें 470 से अधिक होम स्टे हैं.


पर्यटन उद्योग का निरंतर विस्तार

हमारा लक्ष्य है कि पर्यटन उद्योग का निरंतर विस्तार हो ताकि रोजगार सृजन की संभावनाओं का पूरा लाभ उठाया जा सके. 2024 में 13 करोड़ से अधिक पर्यटकों के आने की उम्मीद है, जो एक रिकॉर्ड होगा. स्थानीय समुदाय की भागीदारी और राज्य सरकार की प्रतिबद्धता से पर्यटन क्षेत्र मध्य प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.