मेटा AI असिस्टेंट का दुरुपयोग: हैकर्स ने हाई-प्रोफाइल अकाउंट्स को किया निशाना
मेटा AI असिस्टेंट का खतरा
नई दिल्ली: मेटा ने अपने AI असिस्टेंट को Instagram, WhatsApp और Facebook पर लागू कर दिया है। हालाँकि, हैकर्स ने इस टूल का दुरुपयोग करते हुए मेटा के प्लेटफार्मों को निशाना बनाया है। हाल ही में एक घटना में, यह सामने आया कि हैकर्स ने मेटा के AI टूल का उपयोग करके कई प्रमुख Instagram अकाउंट्स को हैक कर लिया है।
हाई-प्रोफाइल अकाउंट्स का हैक होना
इन अकाउंट्स में बराक ओबामा के राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान स्थापित व्हाइट हाउस का आधिकारिक हैंडल और U.S. Space Force के एक वरिष्ठ अधिकारी का अकाउंट शामिल है। इस जानकारी के प्रकाश में आने के बाद, मेटा ने इस समस्या का समाधान कर दिया है।
समस्या का पता कैसे चला?
रिपोर्टों के अनुसार, हैकर्स ने मेटा के AI टूल का उपयोग करते हुए पासवर्ड रीसेट कोड उन ईमेल पते पर भेजे, जो उनके नियंत्रण में थे। इससे उन्हें यूजर्स के डिवाइस में बिना सेंध लगाए ही अकाउंट्स तक पहुँचने का मौका मिला। 'Dark Web Informer' और 'ZachXBT' नामक सुरक्षा शोधकर्ताओं ने इस खामी का सबसे पहले खुलासा किया। इसके बाद, टेलीग्राम, X और Reddit पर कई यूजर्स ने अकाउंट्स हैक होने की घटनाओं की शिकायत की।
हैकर्स ने Meta AI को कैसे धोखा दिया?
हैकर्स ने इस साजिश को अंजाम देने के लिए मेटा के AI असिस्टेंट को धोखा देने में सफलता प्राप्त की। इसके लिए, उन्होंने पहले एक VPN का उपयोग करके अपनी लोकेशन छिपाई, जिससे ऐसा प्रतीत हुआ कि वे उसी क्षेत्र से लॉग इन कर रहे हैं जहाँ टारगेट अकाउंट स्थित था।
इसके बाद, वे Instagram के लॉग इन पृष्ठ पर गए और 'Forgot Password' विकल्प का चयन किया। वहां से उन्हें मेटा AI सपोर्ट फीचर पर रीडायरेक्ट किया गया, जहाँ उन्होंने AI चैटबॉट के साथ बातचीत शुरू की। हैकर्स ने विशेष रूप से तैयार किए गए प्रॉम्प्ट्स का उपयोग करके मेटा AI से अनुरोध किया कि वह पीड़ित के अकाउंट में एक नया ईमेल पता जोड़ दे।
जैसे ही यह अनुरोध स्वीकार किया गया, उस नए पते पर एक वेरिफिकेशन कोड भेजा गया। चूंकि नया ईमेल पता हैकर्स के नियंत्रण में था, इसलिए उन्होंने इस कोड का उपयोग करके अकाउंट पर कब्जा कर लिया।
क्या समस्या का समाधान हो गया है?
Instagram ने इस समस्या का समाधान कर दिया है। मेटा के एक प्रवक्ता ने सोमवार को बताया कि सुरक्षा से जुड़ी इस खामी को ठीक कर दिया गया है और प्रभावित खातों को सुरक्षित किया जा रहा है। हालांकि, कंपनी ने यह नहीं बताया कि इस तरीके का उपयोग करके कितने खातों को निशाना बनाया गया था।