×

व्हाट्सएप के नए यूजरनेम फीचर पर मेटा का जवाब, सरकार की चिंताएं

मेटा ने भारत सरकार को व्हाट्सएप के नए यूजरनेम फीचर पर अपनी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें यूजर्स की प्राइवेसी और सुरक्षा के उपायों पर चर्चा की गई है। सरकार ने इस फीचर के संभावित दुरुपयोग को लेकर चिंताएँ व्यक्त की हैं, खासकर फर्जी नामों के उपयोग से होने वाले धोखाधड़ी के मामलों को लेकर। जानें इस नए फीचर की विशेषताएँ और सरकार की चिंताएँ क्या हैं।
 

नई दिल्ली में मेटा का जवाब


नई दिल्ली: मेटा ने भारत सरकार को व्हाट्सएप के नए यूजरनेम फीचर के संबंध में अपनी प्रतिक्रिया भेज दी है। यह जानकारी 8 जुलाई 2026 की रात को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) को दी गई। वर्तमान में, सरकारी अधिकारी इस जवाब की समीक्षा कर रहे हैं। पिछले सप्ताह, मेटा की टीम ने MeitY के अधिकारियों के साथ एक बैठक भी की थी।


सरकार के सवाल

सरकार ने मुख्य रूप से तीन महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं, जिनमें यूजर्स की प्राइवेसी की सुरक्षा, ऑनलाइन सुरक्षा के उपाय, और क्या स्कैमर्स और साइबर अपराधी इसका दुरुपयोग कर सकते हैं, शामिल हैं। मेटा को इन सवालों के जवाब देने के लिए केवल 3 दिन का समय दिया गया था।


व्हाट्सएप यूजरनेम फीचर की विशेषताएँ

व्हाट्सएप यूजरनेम फीचर क्या है?


यह नया फीचर उपयोगकर्ताओं को एक विशेष यूजरनेम बनाने की अनुमति देगा, जो @ से शुरू होगा। इसके माध्यम से, आपको किसी को अपना फोन नंबर साझा करने की आवश्यकता नहीं होगी। आप यूजरनेम का उपयोग करके किसी को मैसेज, कॉल या ग्रुप में जोड़ सकते हैं। मेटा का कहना है कि यह यूजरनेम पूरी तरह से वैकल्पिक होगा। आप चाहें तो इसे बना सकते हैं, अन्यथा यह आवश्यक नहीं है। आपका असली नाम पहले की तरह ही रहेगा।


सरकार की चिंताएँ

सरकार को किस बात की चिंता है?


सरकार और साइबर विशेषज्ञों को चिंता है कि लोग इस फीचर का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं। कोई व्यक्ति फर्जी नाम बनाकर सरकारी संस्थाओं, बैंकों या दोस्तों के नाम पर धोखाधड़ी कर सकता है। इससे फिशिंग और ऑनलाइन धोखाधड़ी का खतरा बढ़ सकता है। मेटा का दावा है कि वह महत्वपूर्ण नामों (जैसे सरकार, सार्वजनिक व्यक्ति, बड़ी कंपनियाँ) की सुरक्षा करेगा, लेकिन लोग जानना चाहते हैं कि सुरक्षा की प्रणाली कितनी मजबूत होगी।