सिद्धार्थ मल्होत्रा और जान्हवी कपूर की 'परम सुंदरी': एक साधारण रोमांटिक कॉमेडी
फिल्म की रिलीज और प्रारंभिक प्रतिक्रिया
बॉलीवुड के अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा और जान्हवी कपूर की नई फिल्म 'परम सुंदरी' आज सिनेमाघरों में प्रदर्शित हुई है। जब फिल्म का टीजर जारी हुआ था, तब इसकी पहली झलक ने दर्शकों को काफी उत्साहित किया था। हालांकि, फिल्म के प्रचार के अनुसार, यह उम्मीदें पूरी करने में असफल रही। गानों के रिलीज के दो महीने बाद ट्रेलर आया, जिसने दर्शकों की उम्मीदें और बढ़ा दीं।
कहानी का सारांश
कहानी सरल है। दिल्ली का एक युवक परम सचदेव (सिद्धार्थ मल्होत्रा) अपने पिता से सहायता मांगता है, जो उसे एक चुनौती देते हैं। इस चुनौती को पूरा करने के लिए, परम अपने दोस्त जग्गी (मनजोत सिंह) के साथ केरल की यात्रा करता है, जहां उसकी मुलाकात सुंदरी (जान्हवी कपूर) से होती है। इसके बाद कई मजेदार परिस्थितियाँ उत्पन्न होती हैं। अंत में क्या होगा, यह तो दर्शक खुद अनुमान लगा सकते हैं।
निर्देशन और प्रदर्शन
फिल्म में रोमांस और ट्विस्ट का पारंपरिक फॉर्मूला अपनाया गया है। निर्देशक तुषार जलोटा ने कहानी को मजेदार बनाने में असफलता दिखाई। पहले भाग में फिल्म धीमी गति से चलती है, जबकि दूसरे भाग में थोड़ी मजेदार स्थिति उत्पन्न होती है। सिनेमैटोग्राफर ने केरल की खूबसूरत लोकेशंस को शानदार तरीके से कैद किया है।
अभिनय
जान्हवी कपूर का प्रदर्शन अच्छा है, हालांकि कुछ दृश्यों में उन्होंने ओवरएक्टिंग की है। सिद्धार्थ मल्होत्रा की एक्टिंग में कमी है, जबकि मनजोत ने बेहतर काम किया है। संजय कपूर का काम भी सराहनीय है। चाइल्ड आर्टिस्ट इनायत वर्मा की प्रतिभा को सही तरीके से नहीं दिखाया गया।
कमजोरियां और ताकत
फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी इसकी साधारण कहानी और कमजोर स्क्रीनप्ले है। संवाद भी प्रभावी नहीं हैं। हालांकि, फिल्म का संगीत दर्शकों को पसंद आया है, खासकर 'परदेसिया' गाना। फिल्म में केरल की खूबसूरती को अच्छे से दर्शाया गया है।
देखें या नहीं
सिद्धार्थ और जान्हवी की केमिस्ट्री, हल्की-फुल्की कॉमेडी और अच्छे गानों के कारण इसे एक बार देखा जा सकता है। लेकिन 'सैयारा', 'चेन्नई एक्सप्रेस' और 'टू स्टेट्स' जैसी उम्मीदें न रखें। फिल्म अलग है और इसकी कहानी के बजाय केरल की सुंदरता देखने लायक है।