सोशल मीडिया पर साइबर ठगी: सस्ते ऑफर्स से बचें
सोशल मीडिया पर साइबर ठगी का खतरा
साइबर ठगी: मनोरंजन के लिए सोशल मीडिया पर आकर्षक ऑफर्स आपकी जेब पर भारी पड़ सकते हैं। ठग अब लोकप्रिय वेब सीरीज, फिल्मों और क्राइम शो के नाम का सहारा ले रहे हैं। फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप पर ऐसे विज्ञापन और पोस्ट दिखाई दे रहे हैं, जिनमें नए एपिसोड को केवल एक से पांच रुपये में देखने का दावा किया जा रहा है। लिंक पर क्लिक करते ही यूजर ठगी के जाल में फंस जाता है।
यह समस्या तब और गंभीर हो जाती है जब यूजर वीडियो देखने के लिए भुगतान करते समय अपनी यूपीआई, कार्ड या बैंकिंग जानकारी साझा कर देता है। ठग इस जानकारी का उपयोग करके पैसे निकालने का प्रयास कर सकते हैं। कई मामलों में, यूपीआई ऑटो-पे भी सक्रिय हो जाने की घटनाएं सामने आई हैं। रिपोर्टों के अनुसार, इंदौर क्राइम ब्रांच में एक महीने में इस तरह की 72 से अधिक शिकायतें दर्ज की गई हैं।
फर्जी लिंक और वीडियो क्लिप
कुछ सेकंड का वीडियो और फिर फर्जी लिंक
ठग सोशल मीडिया पर लोकप्रिय शो से संबंधित छोटे वीडियो क्लिप साझा करते हैं। इन क्लिप्स के साथ 'नया एपिसोड अब उपलब्ध है', 'पूर्ण एपिसोड देखें' या 'लाइव देखें' जैसे संदेश होते हैं। यूजर को पूरी सामग्री देखने के लिए लिंक पर क्लिक करने के लिए कहा जाता है। लिंक खोलने पर, यूजर किसी फर्जी वेबसाइट या ऐप पर पहुंच जाता है। इसके बाद, वीडियो देखने के लिए एक से पांच रुपये का टोकन भुगतान मांगा जाता है, जिससे असली ठगी की शुरुआत होती है।
एक रुपये का भुगतान भारी पड़ सकता है
एक रुपये का भुगतान पड़ सकता है भारी
फर्जी भुगतान पृष्ठ पर क्रेडिट या डेबिट कार्ड, यूपीआई पिन या बैंकिंग जानकारी मांगी जा सकती है। जानकारी मिलते ही ठग उसका दुरुपयोग कर सकते हैं। कुछ मामलों में, यूजर की जानकारी के बिना यूपीआई ऑटो-पे सक्रिय होने की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिसके कारण खाते से नियमित रूप से पैसे कटने लगते हैं। एक मामले में, छात्रा अंकिता खरे ने एक रुपये में क्राइम शो देखने के लिए भुगतान किया, जिसके बाद ऑटो-पे सक्रिय होने से पैसे कटने लगे।
ऐप डाउनलोड कराते हुए ठगी
ऐप डाउनलोड कराया, फिर खाते से निकले पैसे
एक अन्य मामले में, शिक्षक राजकुमार को वेब सीरीज देखने का ऑफर मिला। लिंक खोलने के बाद, उनसे एक नया ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा गया। ऐप इंस्टॉल करने के बाद, फोन का डेटा लीक होने और बैंक खाते से 10 हजार रुपये निकलने की जानकारी मिली। ऐसे मामलों में किसी अनजान वेबसाइट से ऐप डाउनलोड करना विशेष रूप से जोखिम भरा हो सकता है। सस्ते मनोरंजन के ऑफर को देखकर जल्दबाजी में भुगतान करने से बचना आवश्यक है।
ठगी का शिकार होने पर क्या करें
ठगी होते ही ये कदम उठाएं
यदि आपके खाते से पैसे निकल जाएं या फर्जी भुगतान का पता चले, तो तुरंत 1930 पर साइबर अपराध की शिकायत करें। इसके साथ ही cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज की जा सकती है। बैंक से संपर्क कर अपने कार्ड, यूपीआई और नेट बैंकिंग सेवाओं को सुरक्षित करें। फर्जी पोस्ट, लिंक, प्रोफाइल, स्क्रीनशॉट, ट्रांजैक्शन आईडी और संदेशों को संभालकर रखें। विशेषज्ञ आजाद अहमद के अनुसार, ठग सोशल मीडिया ट्रेंड और एआई का उपयोग कर लोगों की जिज्ञासा को निशाना बना रहे हैं।