सोशल मीडिया विज्ञापनों से बचें: साइबर धोखाधड़ी के खतरे
सोशल मीडिया विज्ञापनों का बढ़ता खतरा
नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर चलते समय अचानक आकर्षक विज्ञापनों का सामना करना आम हो गया है। कभी-कभी भारी छूट, कभी मुफ्त उपहार और कभी घर बैठे पैसे कमाने के प्रस्ताव लोगों का ध्यान आकर्षित करते हैं। लेकिन अब साइबर अपराधी इन विज्ञापनों का उपयोग फर्जी वेबसाइटों और मैलवेयर तक पहुंचाने के लिए कर रहे हैं।
ये विज्ञापन पहली नजर में वास्तविक लग सकते हैं, लेकिन एक गलत क्लिक आपकी व्यक्तिगत जानकारी, मोबाइल और यहां तक कि बैंकिंग विवरण को खतरे में डाल सकता है। आइए जानते हैं कि ये विज्ञापन कैसे खतरनाक हो सकते हैं।
सोशल मीडिया विज्ञापन क्यों बन रहे हैं खतरनाक?
फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य प्लेटफार्मों पर विज्ञापन तेजी से बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंच सकते हैं। साइबर अपराधी इसी का लाभ उठाकर ऐसे विज्ञापन बनाते हैं, जो किसी प्रसिद्ध कंपनी, ऐप या ऑफर की तरह दिखते हैं। विज्ञापन पर क्लिक करने के बाद उपयोगकर्ता को किसी अन्य वेबसाइट पर भेजा जा सकता है, जहां उसे कूपन, छूट, मुफ्त पुरस्कार या महत्वपूर्ण अपडेट के नाम पर ऐप डाउनलोड करने या अपनी व्यक्तिगत जानकारी भरने के लिए कहा जाता है।
साइबर धोखाधड़ी का प्रारंभ कैसे होता है?
फर्जी विज्ञापन पर क्लिक करने के बाद खुलने वाली वेबसाइट असली वेबसाइट जैसी दिख सकती है। इसके बाद उपयोगकर्ता से APK या अन्य ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा जाता है। यदि कोई व्यक्ति अनजान वेबसाइट से ऐप इंस्टॉल कर लेता है, तो उसमें मौजूद मैलवेयर मोबाइल में प्रवेश कर सकता है। यह खतरनाक सॉफ़्टवेयर SMS, नोटिफिकेशन और अन्य संवेदनशील जानकारी तक पहुंचने का प्रयास कर सकता है। खास बात यह है कि मोबाइल पर आने वाले बैंकिंग OTP या लेनदेन अलर्ट भी साइबर अपराधियों के निशाने पर हो सकते हैं।
फर्जी विज्ञापनों से बैंक अकाउंट को खतरा
हर मैलवेयर सीधे बैंक अकाउंट से पैसे नहीं निकालता। कई बार इसका उद्देश्य पहले उपयोगकर्ता की संवेदनशील जानकारी हासिल करना होता है। कुछ फर्जी ऐप बैंकिंग लॉगिन, पासवर्ड या स्क्रीन पर दिखाई देने वाली जानकारी चुराने का प्रयास कर सकते हैं। वहीं, कुछ विज्ञापन सीधे फिशिंग वेबसाइट पर ले जाते हैं, जहां बैंक अकाउंट, कार्ड, UPI या लॉगिन से जुड़ी जानकारी मांगी जा सकती है। उपयोगकर्ता द्वारा जानकारी दर्ज करते ही यह डेटा साइबर अपराधियों तक पहुंच सकता है।
आकर्षक ऑफर्स पर क्लिक करने से बचें
यदि किसी विज्ञापन में अत्यधिक छूट, मुफ्त उपहार या तात्कालिक पैसे कमाने का दावा किया जा रहा है, तो सतर्क रहें। किसी ऐप को डाउनलोड करने से पहले उसे गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर पर खुद खोजें। विज्ञापन से मिली वेबसाइट से APK डाउनलोड करने से बचें। वेबसाइट के URL में छोटे बदलाव भी फर्जी साइट होने का संकेत हो सकते हैं।
फोन और बैंकिंग को सुरक्षित रखने के उपाय
अनजान वेबसाइट से ऐप डाउनलोड न करें।
संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें।
फोन और ऐप्स को हमेशा अपडेट रखें।
किसी वेबसाइट पर बैंकिंग या UPI जानकारी सोच-समझकर ही दर्ज करें।
बैंक के SMS और ट्रांजैक्शन अलर्ट पर नजर रखें।
संदिग्ध ऐप इंस्टॉल होने पर उसे तुरंत हटाएं और जरूरी पासवर्ड बदलें।
यदि किसी वित्तीय जानकारी के लीक होने का संदेह हो, तो तुरंत बैंक से संपर्क करें।