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30 अगस्त 2025 का राशिफल: इन राशियों के लिए सावधानी आवश्यक

30 अगस्त 2025 का राशिफल विभिन्न राशियों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करता है। इस दिन कुछ राशियों को स्वास्थ्य, वित्त और पारिवारिक मामलों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। विशेषकर मिथुन, कन्या, तुला, कुंभ और मीन राशियों के लिए यह दिन चुनौतीपूर्ण हो सकता है। जानें उपाय जो आपकी स्थिति को बेहतर बना सकते हैं और इस दिन को सफल बनाने में मदद कर सकते हैं।
 

दैनिक राशिफल

दैनिक राशिफल: 30 अगस्त 2025 को भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि रात 10:46 बजे तक रहेगी, इसके बाद अष्टमी तिथि का आरंभ होगा। विशाखा नक्षत्र दोपहर 2:37 बजे तक प्रभावी रहेगा, इसके बाद अनुराधा नक्षत्र का समय आएगा। योग में इंद्र दोपहर 3:10 बजे तक रहेगा, उसके बाद वैधृति योग शुरू होगा। करण में गर सुबह 9:34 बजे तक, फिर वणिज रात 10:46 बजे तक, और उसके बाद विष्टि करण प्रभावी होगा।


ग्रहों की स्थिति के अनुसार, चंद्रमा सुबह 7:53 बजे तक तुला राशि में रहेंगे, फिर वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य और केतु सिंह राशि में, शुक्र कर्क राशि में, शनि मीन राशि में, और राहु कुंभ राशि में रहेंगे। बुध कर्क राशि में शाम 4:48 बजे तक रहेंगे, फिर सिंह राशि में चले जाएंगे। यह ग्रह-नक्षत्र का संयोग कुछ राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। आइए जानते हैं कि किन राशियों के लिए यह दिन अच्छा नहीं रहेगा और इसे बेहतर बनाने के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं।


मिथुन राशि

मिथुन राशि के लिए चंद्रमा छठे भाव में वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे, जो स्वास्थ्य, शत्रु और तनाव का घर है। विशाखा नक्षत्र की उग्रता और वैधृति योग का प्रभाव मानसिक तनाव या कार्यस्थल पर विवाद पैदा कर सकता है। बुध का सिंह राशि में गोचर तीसरे भाव में होगा, जो संचार में गलतफहमियां बढ़ा सकता है। इस दिन आपको स्वास्थ्य संबंधी छोटी-मोटी परेशानियां या कार्य में बाधाएं आ सकती हैं। इस दिन भावनात्मक फैसले लेने से बचें और अपनी ऊर्जा को रचनात्मक कार्यों में लगाएं।


उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें और लाल चंदन का तिलक लगाएं।


कन्या राशि

कन्या राशि के लिए चंद्रमा तीसरे भाव में वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे, जो संचार और छोटी यात्राओं का घर है। अनुराधा नक्षत्र और विष्टि करण के प्रभाव से इस दिन आपकी बातचीत में गलतफहमियां हो सकती हैं या यात्रा में देरी हो सकती है। बुध का सिंह राशि में गोचर बारहवें भाव में होगा, जो खर्चों में वृद्धि और मानसिक अशांति का कारण बन सकता है। कार्यक्षेत्र में जल्दबाजी से बचें।


उपाय: गाय को हरा चारा खिलाएं और भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करें।


तुला राशि

तुला राशि के लिए चंद्रमा सुबह तक पहले भाव में रहेंगे, फिर दूसरे भाव में वृश्चिक राशि में चले जाएंगे, जो धन और परिवार का घर है। वैधृति योग और विष्टि करण के प्रभाव से वित्तीय मामलों में सावधानी बरतनी होगी। अनावश्यक खर्च या पारिवारिक तनाव की संभावना है। शुक्र का कर्क राशि में होना भावनात्मक अस्थिरता दे सकता है। इस दिन जोखिम भरे निवेश से बचें और परिवार के साथ धैर्य से पेश आएं।


उपाय: मां लक्ष्मी को सफेद फूल अर्पित करें और 'ॐ श्रीं लक्ष्म्यै नमः' मंत्र का 108 बार जाप करें।


कुंभ राशि

कुंभ राशि के लिए चंद्रमा दसवें भाव में वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे, जो करियर और सामाजिक प्रतिष्ठा का घर है। वैधृति योग और अनुराधा नक्षत्र का प्रभाव कार्यस्थल पर दबाव या गलतफहमियां पैदा कर सकता है। राहु का कुंभ राशि में होना और सूर्य-केतु का सिंह राशि में संयोजन आत्मविश्वास में कमी ला सकता है। इस दिन कार्यक्षेत्र में जल्दबाजी से बचें और सहकर्मियों के साथ संयम से पेश आएं।


उपाय: भगवान शिव को जल अर्पित करें और 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करें।


मीन राशि

मीन राशि के लिए चंद्रमा नौवें भाव में वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे, जो भाग्य और उच्च शिक्षा का घर है। शनि का मीन राशि में होना और चंद्रमा का वृश्चिक में गोचर मानसिक तनाव या निर्णय लेने में भ्रम पैदा कर सकता है। विष्टि करण के प्रभाव से यात्रा या बड़े निर्णयों में देरी हो सकती है। इस दिन धैर्य बनाए रखें और जोखिम भरे कार्यों से बचें।


उपाय: भगवान विष्णु को पीले फूल अर्पित करें और 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करें।