Gen Z की बातचीत का नया अंदाज: क्या फोन पर रहकर भी हैं ज्यादा सामाजिक?
Gen Z की बातचीत की आदतें
नई दिल्ली: यह आम धारणा है कि आज की Gen Z पीढ़ी अपने फोन में इतनी व्यस्त है कि वे आमने-सामने बातचीत से कतराते हैं। लेकिन हाल ही में एक अध्ययन ने इस विचार को चुनौती दी है। वास्तव में, Gen Z बातचीत से भाग नहीं रही है, बल्कि उसने संवाद करने का तरीका बदल दिया है। भाषा सीखने वाले प्लेटफॉर्म Preply द्वारा 2026 में किए गए एक वैश्विक स्मॉल टॉक सर्वे में अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया के 1400 प्रतिभागियों को शामिल किया गया। इस सर्वे के परिणाम काफी चौंकाने वाले हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, 58% Gen Z सदस्य प्रतिदिन आमने-सामने छोटी बातचीत करते हैं, जबकि बेबी बूमर्स में यह आंकड़ा केवल 31% है। मिलेनियल्स में यह संख्या 53% और Gen X में 37% है। इस प्रकार, Gen Z इस मामले में सबसे आगे है।
ऑनलाइन बातचीत में Gen Z की बढ़त
ऑनलाइन संवाद में भी Gen Z पीछे नहीं है। 47% Gen Z सदस्य प्रतिदिन ऑनलाइन कैजुअल चैट करते हैं, जबकि मिलेनियल्स में यह आंकड़ा 42%, Gen X में 22% और बूमर्स में केवल 18% है। 65% Gen Z ने कहा कि वे पिछले 5 वर्षों की तुलना में अब अधिक बातचीत कर रहे हैं। हालांकि, एक और पहलू भी है। Gen Z बातचीत तो करती है, लेकिन हर बातचीत में शामिल होना जरूरी नहीं समझती। पिछले एक वर्ष में, 87% Gen Z ने किसी न किसी लाइव बातचीत से बचने की कोशिश की है, और 93% ने स्मॉल टॉक से बचने के लिए बहाने बनाए हैं।
Gen Z का सोशल होने का नया तरीका
41% ने बातचीत से बचने के लिए फोन देखने का बहाना बनाया, जबकि 37% ने कॉल करने के बजाय सीधे मैसेज या DM करना बेहतर समझा। इसी तरह, फोन कॉल के मामले में भी यही ट्रेंड देखा गया। 27% Gen Z जानबूझकर कॉल को वॉइसमेल पर जाने देते हैं और बाद में मैसेज करते हैं, जबकि बेबी बूमर्स में ऐसा केवल 7% लोग करते हैं। बातचीत के विषय भी बदल गए हैं। बेबी बूमर्स आज भी मौसम पर बात करना पसंद करते हैं, जिसमें 56% ने इसे बताया। वहीं, Gen Z में केवल 28% लोग मौसम पर चर्चा करते हैं। वे वीकेंड योजनाएं, रेस्टोरेंट, घूमने-फिरने और सामाजिक जीवन पर बात करना अधिक पसंद करते हैं। कुल मिलाकर, Gen Z केवल कम सामाजिक नहीं हुई है, बल्कि उसने सामाजिक होने का तरीका बदल दिया है।