इडली बनाने का नया तरीका: बिना सोडा या ईनो के पाएं फूली-फूली इडली
इडली: एक लोकप्रिय दक्षिण भारतीय व्यंजन
नई दिल्ली: इडली एक बेहद प्रसिद्ध और स्वादिष्ट व्यंजन है, जो मुख्य रूप से दक्षिण भारत से उत्पन्न हुआ है, लेकिन अब यह पूरे देश में बड़े चाव से खाई जाती है। इसकी हल्की और आसानी से पचने वाली विशेषताओं के कारण इसे हेल्दी फूड की श्रेणी में रखा जाता है। पारंपरिक विधि से इडली बनाने के लिए चावल और उड़द दाल को भिगोकर पीसकर एक घोल तैयार किया जाता है, जिसे खमीर उठाने के लिए रातभर रखा जाता है।
खमीर उठाने के लिए बिना सोडा या ईनो के उपाय
कई बार मौसम या अन्य कारणों से बैटर में सही तरीके से खमीर नहीं उठता, जिससे इडली सॉफ्ट और स्पंजी नहीं बनती। ऐसे में लोग सोडा या ईनो का सहारा लेते हैं, लेकिन अब आप बिना इन चीजों के भी नैचुरल तरीके से बेहतरीन इडली बना सकते हैं। इडली को मुलायम और फूली-फूली बनाने के लिए बैटर का सही तरीके से फर्मेंट होना बेहद जरूरी है। इसके लिए 3 भाग चावल और 1 भाग उड़द दाल का सही अनुपात अपनाएं।
इसके साथ ही दाल में एक चम्मच मेथी दाना मिलाकर भिगोएं। मेथी दाना खमीर उठाने में मदद करता है और इडली को सफेद और सॉफ्ट बनाता है। गर्मियों में बैटर को फर्मेंट होने के लिए कम से कम एक रात का समय देना आवश्यक होता है।
सूजी इडली के लिए खमीर उठाने के तरीके
यदि आप सूजी से इडली बना रहे हैं, तो इसे इंस्टेंट तैयार किया जा सकता है। लेकिन अगर आप इसमें भी नैचुरल तरीके से खमीर उठाना चाहते हैं, तो खट्टे दही का उपयोग करें। सूजी का बैटर बनाते समय खट्टा दही मिलाएं और इसे कुछ समय के लिए ढककर रख दें। यदि आप दोपहर में इडली बनाना चाहते हैं, तो सुबह ही बैटर तैयार कर लें, जिससे सूजी अच्छी तरह फूल जाए।
जल्दी खमीर उठाने के आसान उपाय
यदि आपके पास समय कम है, तो बैटर को तैयार करने के बाद उसके बर्तन को गुनगुने पानी में रख दें। हल्की गर्माहट से खमीर जल्दी उठता है और बैटर सही कंसीस्टेंसी में आ जाता है। इन आसान और नैचुरल तरीकों को अपनाकर आप बिना सोडा या ईनो के भी सॉफ्ट, स्पंजी और स्वादिष्ट इडली तैयार कर सकते हैं।