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उत्तर प्रदेश में विज्ञान और प्रौद्योगिकी में नई पहल: 25 लाख युवाओं को मिलेगा एआई प्रशिक्षण

उत्तर प्रदेश सरकार ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नई पहलों की घोषणा की है, जिसमें 25 लाख युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) प्रशिक्षण देने का प्रस्ताव शामिल है। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह मिशन प्रदेश के युवाओं के लिए एक गेम चेंजर साबित होगा। इसके तहत, न केवल तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा दिया जाएगा, बल्कि प्रदेश को डिजिटल आत्मनिर्भरता की दिशा में भी अग्रसर किया जाएगा। जानें इस महत्वाकांक्षी योजना के बारे में और कैसे यह प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर विज्ञान और नवाचार का केंद्र बनाएगी।
 

उत्तर प्रदेश में तकनीकी विकास की नई दिशा

उत्तर प्रदेश: विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश अब एक महत्वपूर्ण कदम उठाने की योजना बना रहा है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में, राज्य सरकार ने बजट 2026-27 के तहत आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अन्य उभरती तकनीकों के लिए महत्वाकांक्षी योजनाओं की घोषणा की है। इन पहलों से प्रदेश न केवल डिजिटल आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ेगा, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर विज्ञान और नवाचार का एक प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में भी अग्रसर होगा।


बजट में, उत्तर प्रदेश सरकार ने इंडिया एआई डेटा लैब के सहयोग से उत्तर प्रदेश एआई मिशन की शुरुआत का प्रस्ताव रखा है। इसके लिए 225 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसका उद्देश्य शासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि जैसे क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित समाधान विकसित करना है।



मुख्यमंत्री ने बताया कि एआई मिशन प्रदेश के युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर साबित होगा। सरकार 25 लाख युवाओं को निःशुल्क एआई टूल्स उपलब्ध कराने की योजना पर कार्य कर रही है, जिससे स्कूल और कॉलेज स्तर पर भी एआई आधारित शिक्षण संसाधन उपलब्ध होंगे।


प्रदेश को सुरक्षित डेटा भंडारण और क्लाउड सेवाओं का एक बड़ा केंद्र बनाने के लिए उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर क्लस्टर को मजबूत किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य 2030 तक एक अत्याधुनिक डेटा सेंटर इकोसिस्टम तैयार करना है, जिसके लिए 100 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। इससे डिजिटल गवर्नेंस को मजबूती मिलेगी और रोजगार सृजन होगा।


लखनऊ में यू-हब की स्थापना की जाएगी, जहां स्टार्टअप्स को अत्याधुनिक तकनीकी संसाधन, मेंटरशिप और निवेश के अवसर प्रदान किए जाएंगे। टेक युवा समर्थ युवा योजना के तहत तकनीकी दक्ष युवाओं को प्रोत्साहित किया जाएगा।


सरकार ने रोबोटिक मिशन के लिए भी 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन कार्यों को पहले मानव श्रम के कारण कठिन माना जाता था, अब उन्हें रोबोटिक्स के माध्यम से सुरक्षित और प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा। उदाहरण के लिए, ट्रकों पर भारी बोझ लादने या जहरीले कीटनाशकों के छिड़काव जैसे कार्य अब रोबोट और ड्रोन के माध्यम से किए जा सकते हैं।


नई और उभरती टेक्नोलॉजी मिशन के तहत रोबोटिक्स, ड्रोन, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) और ब्लॉकचेन जैसी तकनीकों में अनुसंधान और प्रशिक्षण को बढ़ावा दिया जाएगा। प्रदेश में नए पॉलिटेक्निक संस्थानों का निर्माण और मौजूदा संस्थानों का उन्नयन किया जाएगा।