कल्याण सिंह कैंसर संस्थान में डॉक्टरों की कमी से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित
लखनऊ में कैंसर संस्थान की स्थिति
लखनऊ : कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर संस्थान में डॉक्टरों के इस्तीफों की बाढ़ ने प्रशासन के लिए समस्याएं बढ़ा दी हैं। प्रतिदिन लगभग 300 मरीज भर्ती हो रहे हैं, जबकि 24 घंटे इमरजेंसी सेवाएं चालू हैं। ओपीडी में 400 से अधिक नए और पुराने मरीजों का इलाज किया जा रहा है। इन मरीजों की देखभाल का जिम्मा केवल 33 नियमित और एक प्रतिनियुक्त डॉक्टरों पर है, जबकि आठ डॉक्टर चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय द्वारा बांड के तहत तैनात हैं। इसके अलावा, 70 से अधिक नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ भी संस्थान छोड़ चुके हैं।
डॉक्टरों के इस्तीफे का कारण
अधिकारियों का मानना है कि डॉक्टरों के इस्तीफे का मुख्य कारण यहां का वेतन है। डॉक्टरों का कहना है कि अन्य सरकारी और स्वायत्त चिकित्सा संस्थानों की तुलना में यहां वेतन बहुत कम है। यदि जल्द ही वेतन और सुविधाओं में सुधार नहीं किया गया, तो और डॉक्टर इस्तीफा दे सकते हैं, जिससे मरीजों की चिकित्सा सेवाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। कई विभागों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी और बढ़ सकती है, जिससे संस्थान की शैक्षणिक और शोध गतिविधियों पर भी असर पड़ेगा।
साइकेट्री विभाग की स्थिति
कल्याण सिंह कैंसर संस्थान के साइकेट्री विभाग में तैनात असिस्टेंट प्रफेसर डॉ. अभिनव तिवारी ने एक महीने के नोटिस के साथ इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे के बाद, साइकेट्री विभाग भी बंद होने के कगार पर है। अब संस्थान में बिना डॉक्टर वाले विभागों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है। डॉ. अभिनव ने सितंबर 2025 में संस्थान जॉइन किया था। उनके इस्तीफे का कारण भी वेतन और भत्ते की कमी बताया गया है।
बिना डॉक्टर के विभाग
इन विभागों में डॉक्टर नहीं
मेडिकल ऑन्कॉलजी, मेडिकल फिजिक्स, डेंटिस्ट्री, न्यूक्लियर मेडिसिन, बायोकेमिस्ट्री, हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन, पैलिएटिव केयर, पीएमआर, त्वचा रोग, हीमैटॉलॉजी और रेडियोडायग्नोसिस विभाग पहले से बिना डॉक्टर के हैं। अब साइकेट्री भी इस सूची में शामिल हो गया है।
संस्थान छोड़ने वाले डॉक्टर
28 डॉक्टर छोड़ चुके हैं संस्थान
पिछले कुछ वर्षों में 28 से अधिक डॉक्टर संस्थान छोड़ चुके हैं। इनमें न्यूक्लियर मेडिसिन की डॉ. सोनम सुमन, ओरल ऐड मैक्सिलोफेशल सर्जरी के डॉ. गौरव सिंह, मेडिकल ऑन्कॉलजी की डॉ. ईशा जफा, क्रिटिकल केयर के डॉ. साई सरन, ईएनटी की डॉ. इंदु शुक्ला, ऑन्को एनेस्थिसिया के डॉ. सौरभ विज और डॉ. स्वाति, एनेस्थिसिया के डॉ. तन्मय घटक और डॉ. तापस सिंह, प्लास्टिक सर्जरी के डॉ. बृजेश मिश्रा, ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन के डॉ. सत्य प्रकाश, सर्जरी के डॉ. एचएस पाहवा, गायनी की डॉ. वंदना और डॉ. पारुल शामिल हैं।
फैकल्टी की स्थिति
फैकल्टी का बुरा हाल
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वरुण विजय ने बताया कि संस्थान में 121 नियमित स्वीकृत पद हैं, जिनमें से 33 परमानेंट कार्यरत हैं, जबकि 88 फैकल्टी पद खाली हैं और 9 डॉक्टर संस्थान के डेप्युटेशन पर हैं।