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किशोरावस्था में शारीरिक गतिविधि से ब्रेस्ट कैंसर का जोखिम कम हो सकता है

एक नए अध्ययन में यह पाया गया है कि किशोरावस्था में नियमित शारीरिक गतिविधि ब्रेस्ट कैंसर के जोखिम को कम कर सकती है। यह अध्ययन कोलंबिया यूनिवर्सिटी द्वारा किया गया है और इसमें किशोरियों की शारीरिक गतिविधियों और ब्रेस्ट टिश्यू की संरचना के बीच संबंध का विश्लेषण किया गया है। शोधकर्ताओं का कहना है कि यह जानकारी भविष्य में ब्रेस्ट कैंसर के जोखिम को कम करने के लिए नीतियों के निर्माण में सहायक हो सकती है। जानें इस अध्ययन के प्रमुख निष्कर्ष और स्वास्थ्य नीतियों पर इसके प्रभाव के बारे में।
 

नए अध्ययन के निष्कर्ष

हाल ही में किए गए एक अध्ययन में यह सामने आया है कि किशोरावस्था में नियमित शारीरिक गतिविधि ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को कम कर सकती है। यह गतिविधि ब्रेस्ट टिश्यू की संरचना और तनाव से संबंधित बायोमार्कर्स पर प्रभाव डालती है।


अध्ययन का विवरण

यह शोध कोलंबिया यूनिवर्सिटी मेलमैन स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ और हर्बर्ट इर्विंग कॉम्प्रिहेंसिव कैंसर सेंटर के वैज्ञानिकों द्वारा किया गया है, जो जनवरी 2026 में प्रकाशित होने वाला है।


शोध के प्रमुख बिंदु

कोलंबिया यूनिवर्सिटी की यह स्टडी ब्रेस्ट कैंसर रिसर्च जर्नल में प्रकाशित हुई है। इसमें किशोरियों (उम्र 14-19) पर आरपीए (रीक्रिएशनल फिजिकल एक्टिविटी) और ब्रेस्ट टिश्यू कंपोजिशन (बीटीसी), ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और इंफ्लेमेशन बायोमार्कर्स का अध्ययन किया गया।


अध्ययन में पाया गया कि सप्ताह में 2 घंटे या उससे अधिक आरपीए करने वाली लड़कियों में ब्रेस्ट में पानी की मात्रा और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कम था।


भविष्य के लिए संभावनाएं

यह अध्ययन यह दर्शाता है कि किशोरावस्था में शारीरिक गतिविधि, जो ब्रेस्ट डेवलपमेंट का एक महत्वपूर्ण समय है, भविष्य में ब्रेस्ट कैंसर के खतरे से जुड़े बायोलॉजिकल तरीकों को प्रभावित कर सकती है।


शोधकर्ता रेबेका केहम ने कहा कि यह अध्ययन आरपीए को ब्रेस्ट कैंसर रिस्क के जैविक पाथवे से जोड़ता है, जिससे भविष्य में जोखिम कम करने के लिए नीतियों का निर्माण किया जा सकेगा।


अन्य महत्वपूर्ण जानकारी

केहम ने कहा, "हमारे नतीजे बताते हैं कि मनोरंजक शारीरिक गतिविधि किशोर लड़कियों में ब्रेस्ट टिश्यू की संरचना और स्ट्रेस बायोमार्कर में बदलाव से संबंधित है, जो ब्रेस्ट कैंसर पर प्रभाव डाल सकता है।"


यह अध्ययन वयस्क महिलाओं पर की गई पूर्व की रिसर्च के साथ मेल खाता है, जिसमें अधिक शारीरिक गतिविधि का संबंध कम मैमोग्राफिक ब्रेस्ट डेंसिटी से पाया गया है।


शारीरिक गतिविधियों का महत्व

किशोरावस्था के दौरान, प्रतिभागियों ने पिछले एक हफ्ते में की गई शारीरिक गतिविधियों के बारे में बताया, जिसमें संगठित और असंगठित दोनों प्रकार की गतिविधियाँ शामिल थीं।


इस अध्ययन में लड़कियों की औसत उम्र 16 वर्ष थी। आधे से अधिक (51 प्रतिशत) ने पिछले हफ्ते कोई मनोरंजक शारीरिक गतिविधि नहीं की, जबकि 73 प्रतिशत ने संगठित गतिविधियों में भाग नहीं लिया।


सुसान जी. कोमेन फाउंडेशन के अनुसार, बचपन और किशोरावस्था में सक्रिय रहने वाली महिलाओं में बाद में ब्रेस्ट कैंसर का जोखिम कम होता है।


स्वास्थ्य नीतियों पर प्रभाव

यह खोज स्वास्थ्य नीतियों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह दर्शाती है कि स्कूलों में खेल-कूद को बढ़ावा देकर ब्रेस्ट कैंसर को रोका जा सकता है।