कुरुक्षेत्र में फिजी वायरस से धान की फसल को नुकसान, किसानों ने मांगी सहायता
किसानों की समस्याएं और मुआवजे की मांग
कुरुक्षेत्र में फिजी वायरस का प्रकोप
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में धान की फसल फिजी वायरस के प्रभाव में आ गई है। इस वायरस के कारण धान के पौधे बौने हो गए हैं, जिससे फसल की पैदावार में भारी कमी आई है। किसान अपनी फसल को नष्ट करने के लिए मजबूर हो रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए भारतीय किसान यूनियन ने सरकार से मुआवजे की मांग की है।
भारतीय किसान यूनियन (पिहोवा) की टीम ने प्रभावित किसानों से मिलकर कृषि विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाने की अपील की है। किसानों का कहना है कि पूरे क्षेत्र में विशेष गिरदावरी की जानी चाहिए और फसल के नुकसान का आकलन कर तुरंत मुआवजा दिया जाना चाहिए।
फसल नष्ट करने वाले गांव
फिजी वायरस के कारण नीमवाला, जंधेड़ी और असमानपुर गांव के कई किसानों ने अपनी फसल को ट्रैक्टर से नष्ट कर दिया है। असमानपुर के जितेन्द्र सिंह, जंधेड़ी के धर्मपाल और नीमवाला के किसान परमजीत ने अपनी-अपनी लगभग 10 एकड़ फसल को नष्ट किया है। इसके साथ ही, उन्हें दोबारा रोपाई करनी पड़ रही है, जिससे पैदावार में कमी आने की आशंका है।
ज्ञापन सौंपने की योजना
भाकियू के प्रवक्ता प्रिंस वडैच ने आरोप लगाया है कि कृषि विभाग ने अब तक नुकसान का कोई सर्वेक्षण रिपोर्ट सरकार को नहीं भेजी है, जिससे किसानों में आक्रोश है। आज, वे एसडीएम को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने की योजना बना रहे हैं।
किसानों की प्रमुख मांगें
- फिजी वायरस से प्रभावित फसलों की तत्काल विशेष गिरदावरी की जाए।
- किसानों को प्रति एकड़ 20,000 रुपए मुआवजा सीधे उनके खाते में दिया जाए।
- कृषि वैज्ञानिकों की टीम भेजकर वायरस की रोकथाम के उपाय किए जाएं।
- अगली फसल के लिए किसानों को बीज और दवाओं में सरकारी सहायता मिले।