कैंसर के जोखिम को बढ़ाने वाले पांच संक्रमण: जानें कैसे बचें
कैंसर के खतरे में वृद्धि करने वाले संक्रमण
नई दिल्ली। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को अक्सर तंबाकू, शराब, अस्वस्थ आहार और जीवनशैली से जोड़ा जाता है। लेकिन वैज्ञानिक अनुसंधान यह दर्शाते हैं कि कुछ दीर्घकालिक संक्रमण भी कैंसर के खतरे को बढ़ा सकते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, 2022 में वैश्विक स्तर पर लगभग 10 प्रतिशत कैंसर के मामले ऐसे संक्रमणों से जुड़े थे जो कैंसर उत्पन्न कर सकते हैं।
इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (IARC) की 29 सितंबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में अनुमानित 23 लाख नए कैंसर के मामले संक्रमणों के कारण उत्पन्न हुए, जो कुल नए कैंसर मामलों का लगभग 12 प्रतिशत है।
1. HPV – सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण
ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) के कुछ उच्च जोखिम वाले प्रकार लंबे समय तक शरीर में रहने पर सर्वाइकल कैंसर का कारण बन सकते हैं। यह योनि, वल्वा, लिंग, गुदा और मुंह-गले के कैंसर से भी संबंधित है। HPV वैक्सीन और नियमित स्क्रीनिंग से इसके जोखिम को कम किया जा सकता है।
2. Hepatitis B – लिवर कैंसर का खतरा
हेपेटाइटिस B वायरस (HBV) लंबे समय तक शरीर में रहने पर लिवर को नुकसान पहुंचा सकता है और लिवर कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है। HBV से बचाव के लिए प्रभावी वैक्सीन उपलब्ध है।
3. Hepatitis C – लिवर पर प्रभाव
हेपेटाइटिस C वायरस (HCV) भी एक दीर्घकालिक संक्रमण बन सकता है और यह लिवर कैंसर के जोखिम से जुड़ा है। IARC इसे कैंसर उत्पन्न करने वाले संक्रमणों में शामिल करता है।
4. Helicobacter pylori – पेट के कैंसर से संबंध
Helicobacter pylori (H. pylori) एक बैक्टीरिया है जो पेट में लंबे समय तक संक्रमण पैदा कर सकता है। यह गैस्ट्रिक कैंसर के जोखिम से जुड़ा है। IARC के अनुसार, संक्रमण की पहचान और उचित उपचार से कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है।
5. Epstein-Barr Virus (EBV) – कुछ कैंसर से जुड़ा संक्रमण
कई व्यक्तियों में Epstein-Barr virus (EBV) बिना किसी गंभीर समस्या के मौजूद रह सकता है। कुछ परिस्थितियों में इसका संबंध Hodgkin lymphoma, Burkitt lymphoma और nasopharyngeal cancer जैसे कैंसर से पाया गया है। हालिया शोध में IARC ने EBV संक्रमण और कई कैंसर के बीच संबंधों पर नए प्रमाण प्रस्तुत किए हैं।
क्या हर संक्रमण से कैंसर होता है?
सिर्फ किसी संक्रमण का होना कैंसर होने का संकेत नहीं है। कैंसर का विकास कई कारकों पर निर्भर करता है, जिनमें संक्रमण की अवधि, व्यक्ति की प्रतिरक्षा प्रणाली, आनुवंशिकता और अन्य पर्यावरणीय कारक शामिल हैं। WHO के अनुसार, संक्रमण के साथ-साथ तंबाकू, शराब, मोटापा, शारीरिक निष्क्रियता और वायु प्रदूषण भी कैंसर के महत्वपूर्ण जोखिम कारक हैं।
इसका मतलब यह है कि कैंसर से बचाव के लिए केवल तंबाकू और शराब से दूरी बनाना ही नहीं, बल्कि HPV और हेपेटाइटिस-B जैसे संक्रमणों से बचाव, उचित वैक्सीनेशन, समय पर जांच और आवश्यकता पड़ने पर उपचार भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।