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क्या कांचीपुरम बन गया है भारत का 'अफेयर कैपिटल'? जानें इस ट्रेंड के पीछे की वजहें

कांचीपुरम, जो पहले से मंदिरों और रेशमी साड़ियों के लिए प्रसिद्ध था, अब विवाहेतर संबंधों का नया केंद्र बन गया है। एक रिपोर्ट के अनुसार, इस शहर ने देश में सबसे अधिक विवाहेतर संबंधों के मामले में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। Gleeden और Ashley Madison जैसे डेटिंग ऐप्स के आंकड़े बताते हैं कि भारत में यूजर्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है, खासकर आईटी हब वाले शहरों में। जानें इस ट्रेंड के पीछे की वजहें और कैसे यह पारंपरिक रिश्तों को चुनौती दे रहा है।
 

परिवार और रिश्तों का बदलता स्वरूप


नई दिल्ली: भारत को पारिवारिक मूल्यों और पारंपरिक रिश्तों का गढ़ माना जाता है। विवाह को एक पवित्र बंधन के रूप में देखा जाता है, लेकिन समय के साथ रिश्तों की परिभाषा में बदलाव आ रहा है। अब विवाहित लोग जब भावनात्मक समर्थन की कमी महसूस करते हैं, तो वे डिस्क्रीट डेटिंग ऐप्स का सहारा ले रहे हैं।


कांचीपुरम: विवाहेतर संबंधों का नया केंद्र

तमिलनाडु का कांचीपुरम, जो अपने मंदिरों और रेशमी साड़ियों के लिए जाना जाता है, अब विवाहेतर संबंधों के मामले में सबसे आगे है। एक वैश्विक डेटिंग प्लेटफॉर्म, Ashley Madison के अनुसार, कांचीपुरम ने इस क्षेत्र में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। पिछले वर्ष यह 17वें स्थान पर था, लेकिन अब इसने दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों को पीछे छोड़ दिया है।


Gleeden ऐप के उपयोगकर्ताओं की संख्या

एक अन्य लोकप्रिय ऐप, Gleeden के आंकड़ों के अनुसार, भारत में इसके यूजर्स की संख्या 40 लाख (4 मिलियन) से अधिक हो चुकी है। बेंगलुरु इस सूची में सबसे ऊपर है, जहां कुल यूजर्स का 18 प्रतिशत हिस्सा है। इसके बाद हैदराबाद (17%), दिल्ली (11%), मुंबई (9%) और पुणे (7%) का स्थान है। आईटी हब वाले शहरों में काम का दबाव और अकेलापन इस ट्रेंड को बढ़ावा दे रहे हैं।


इस ऐप पर 65 प्रतिशत यूजर्स पुरुष हैं, जबकि 35 प्रतिशत महिलाएं हैं। पिछले दो वर्षों में महिलाओं के रजिस्ट्रेशन में 148 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। अधिकांश यूजर्स की उम्र 25 से 50 वर्ष के बीच है। Gleeden के 2024 सर्वे में 60 प्रतिशत से अधिक लोगों ने स्विंगिंग और ओपन रिलेशनशिप जैसी गैर-पारंपरिक रिश्तों में रुचि दिखाई है।


ऐसे रिश्तों की बढ़ती प्रवृत्ति

व्यस्त जीवनशैली के कारण कई लोग भावनात्मक अकेलेपन को इस बदलाव का मुख्य कारण मानते हैं। ऐप पर सबसे अधिक गतिविधि लंच ब्रेक (दोपहर 12 से 3 बजे) और रात 10 बजे के बाद देखी जाती है। कई मामलों में, पति-पत्नी एक-दूसरे की गतिविधियों से अवगत होते हैं, लेकिन वे चुप रहना पसंद करते हैं। खुले विवाह की अवधारणा भी तेजी से लोकप्रिय हो रही है।


कांचीपुरम जैसे छोटे शहर में इस प्रकार की गतिविधियों का बढ़ना कई लोगों के लिए आश्चर्यजनक है। यह दर्शाता है कि बड़े शहरों के साथ-साथ टियर-2 शहरों में भी रिश्तों के प्रति सोच में बदलाव आ रहा है। हालाँकि, ये आंकड़े केवल ऐप उपयोग पर आधारित हैं और समाज के समग्र चित्र को नहीं दर्शाते। बदलते भारत में रिश्तों की ये नई प्रवृत्तियाँ व्यक्तिगत खुशी और स्वतंत्रता की खोज को उजागर करती हैं, लेकिन साथ ही पारंपरिक मूल्यों पर भी सवाल उठाती हैं।